गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्रों की ऑनलाइन व्यवस्था साइबर कैफे के भरोसे चल रही है। 74 के सापेक्ष मात्र पांच केंद्रों पर ही कंप्यूटर और इंटरनेट की सुविधा है। तहसीलों में भी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा अब तक सुचारु नहीं हो सकी है।
जनपद में गेहूं खरीद के लिए शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में पीसीएफ, एफसीआई, मार्केटिंग समेत 74 क्रय केंद्र खोले गए हैं। क्रय केंद्रों के माध्यम से कुल 13 लाख 50 हजार क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है। क्रय केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीद के लिए इस बार शासन स्तर से सभी क्रय केंद्रों को ऑनलाइन किया जाना है। एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू होने के बाद भी यह क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन प्रणाली के लिए कंप्यूटर और नेट की व्यवस्था नहीं कराई जा सकी है। अब तक खाद्य विपणन विभाग के अंतर्गत बिरधा, महरौनी व रोड़ा और पीसीएफ के अंतर्गत ललितपुर नवीन गल्ला मंडी एवं महरौनी में स्थित कुल पांच केंद्रों पर ही कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था है। अन्य केंद्र साइबर कैफे के भरोसे चल रहे हैं।
क्रय केंद्रों पर किसानों की पंजीयन व्यवस्था में परेशानी होने के चलते नगर समेत पांचों तहसीलों में भी ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था की गई है। लेकिन नगर तहसील में ही पंजीयन शुरू नहीं हो सका है। खाद्य विपणन अधिकारी के अनुसार सभी तहसीलों में एसडीएम स्तर से किसानों को क्रय केंद्रों पंजीयन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। जबकि, नगर तहसील में किसानों के पंजीयन के लिए कोई पंजीकरण या फीडिंग व्यवस्था नहीं है। मड़ावरा एसडीएम एसके पाल के अनुसार मड़ावरा तहसील में क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की गई है, यहां अब तक कोई भी पंजीयन नहीं हो सका है।
अधूरे कागज दे रहे किसान
क्रय केंद्रों पर किसानों के पंजीयन की व्यवस्था भले न हो, लेकिन क्रय केंद्रों पर कागजात देकर किसानों को पंजीयन कराने की व्यवस्था की गई है। जिससे पंजीयन में देरी भी होती है और किसानों को पंजीयन रसीद मिलने के बाद उसे अपनी बारी के लिए केंद्रों पर नंबर भी लगाना होता है। ऐसे में कई किसानों के अधूरे कागजात होने से ऑनलाइन जानकारी भी अधूरी भरी जा रही है, जिससे खरीद के बाद किसानों को उनके खाते में भुगतान होने में भी परेशानी हो रही है।
गेहूं खरीद के लिए सभी क्रय केंद्रों पर ऑनलाइन पंजीयन के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है। पीसीएफ व एफसीआई के पांच क्रय केंद्रों पर ही ऑनलाइन पंजीयन व्यवस्था है। साथ ही सभी पांचों तहसीलों में भी ऑनलाइन प्रणाली शुरू की गई है। किसान किसी भी साइबर कैफे या निजी तौर पर ऑनलाइन पंजीयन भी करा सकता है। इसके अलावा किसानों को क्रय केंद्र प्रभारी को खेती संबंधी कागजात देकर पंजीयन कराने की व्यवस्था दी गई है।
- संजय श्रीवास्तव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।