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Lalitpur News: मोंथा चक्रवात ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, फसल हुई खराब

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तालबेहट में 50 मिमी हुई बारिश, तापमान में दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चक्रवाती तूफान मोंथा की वजह से जिले में बुधवार की देर रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार को पूरे दिन जारी रही। झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश से तापमान में लगभग दस डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में तालबेहट में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश का सर्वाधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ा है। खेत में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
इस साल किसानों को बारिश का कहर झेलना पड़ा है। मानसून सीजन के दौरान अधिक बारिश होने से खरीफ सीजन की फसलों पर असर पड़ा था। अब रबी सीजन की फसलों की बोआई के वक्त भी बारिश का सामना करना पड़ रहा है। मानसून की विदाई के बाद भी बारिश दौर समाप्त नहीं हुआ है। अब चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से बारिश हो रही है। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश की वजह से कई जगह खेत जलमग्न हो गए हैं। जिन किसानों ने पंद्रह दिन पहले रबी की फसलों की बोआई कर ली थी उनको तो अधिक नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा है। हाल ही फसल की बोआई करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है।
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खेतों में भरा पानी
बार। ब्लॉक क्षेत्र में रात भर हुई बारिश से खेतों में जलभराव हो गया। खेतों में पानी भरने से एक सप्ताह पहले तक बोई गई दलहन की फसल को अधिक नुकसान है। जबकि गेहूं की बोआई के लिए जो किसान पलेवा कर रहे हैं, उन्हें अब बारिश होने से पलेवा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यह बारिश इन किसानों के लिए काफी लाभदायक है। संवाद

खेतों में जलभराव से फसलों का बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया
डोंगराखुर्द। नाराहट क्षेत्र में बीते चार दिन पहले तेज बारिश हुई थी और अब बुधवार की रात और बृहस्पतिवार को सुबह होने वाली बारिश से किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इससे रबी की फसलों का बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया है। अब किसानों को फिर से रबी की फसलों की बोआई करनी पड़ेगी। इससे किसानों को दोगुनी लागत लग जाएगी। वहीं जिन किसानों के खेतों में बीज अंकुरित भी हो जाएगा, तो उनकी उपज अच्छी नहीं हो सकेगी। ऐसे में किसानों के पास दोबारा फसलों की बोआई करने का ही विकल्प बचा हुआ है। संवाद

24 घंटे में हुई बारिश पर एक नजर
तहसील बारिश (मिमी में)
तालबेहट-50
मड़ावरा-19
महरौनी-18
ललितपुर-08
पाली-08
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सर्द हवाओं ने कराया सर्दी का अहसास
बारिश के दौरान सर्द हवाएं चलने से लोगों को सर्दी का अहसास करा दिया। रिमझिम बारिश के बीच घर से निकले लोग सुबह तो सामान्य कपड़े पहने थे लेकिन शाम होते ही लोग ने स्वेटर पहन कर बाजार में निकले।

फोटो-22
कैप्नश-संतोष साहू।
पांच एकड़ में चना, हरी मटर की बोआई की थी लेकिन बेमौसम बारिश हो गई। ऐसे में जो बीज खेतों में बोया है, वह अंकुरित नहीं हो पाएगा।
-संतोष साहू, किसान, डोंगराखुर्द।
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फोटो-23
कैप्सन-जगन कुशवाहा।
चना, मटर, मसूर व गेहूं की बोआई हो चुकी है। बोआई के तुरंत बाद बेमौसम बारिश हो रही है। इससे किसानों को फसल नष्ट होने की संभावना के चलते चिंता सता रही है।-जगन कुशवाहा, किसान, डोंगराखुर्द।

फोटो-24
कैप्सन-कैलाश नारायण कुशवाहा।
क्षेत्र में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। इससे किसानों को फसल नुकसान की चिंता सता रही है। यदि और अधिक बारिश होती है तो किसानों की बोई गई फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।-कैलाश नारायण कुशवाहा, किसान, ग्राम बिरधा।
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फोटो-25
कैप्सन-लखनलाल पाराशर।
लगातार बारिश होने से किसानों की रबी की बोई गई फसलों को नुकसान हो सकता है। अभी कुछ किसानों की बोनी नहीं हुई है और जिनकी फसलें अंकुरित हो गई हैं,उन्हें अधिक नुकसान हो रहा है।-लखनलाल पाराशर, किसान, ग्राम बिरधा।

फोटो-26
कैप्सन-सुकमन रैकवार।
इस बारिश से फसलों को फायदा हुआ है। इससे डीजल की बचत हुई है। अस्थाई बिजली कनेक्शन ले रहे थे, लेकिन बारिश होने से ही पलेवा हो गया।
-सुकमन रैकवार, किसान, ग्राम धमना।

फोटो-27
कैप्सन-लखनलाल झा।
दो से तीन दिन पहले तक जिन्होंने गेहूं व जौ की बोआई की है। उन किसानों को इस बारिश से नुकसान हो सकता है। बारिश के कारण खेत की मिट्टी में मोटी परत जम जाती है, जिससे सिंचाई करने में परेशानी होती है। दलहनी फसलों को भी नुकसान की आशंका है।
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-लखनलाल झा, किसान, ग्राम धमना।
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जहां बोआई हो चुकी है और काली मिट्टी बैठ गई है। वहां फसलों को नुकसान होने की आशंका है और जहां गेहूं की फसलों के लिए पलेवा किया जा रहा है, उन क्षेत्रों में फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद है।-डॉ.दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक।
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