ललितपुर। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गाय की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश से मांस निर्यात करना अभिशाप से कम नहीं है। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के संयोजक एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव के एन गोविंदाचार्य ने व्यक्त किए।
श्री क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत में गौवंश की रक्षा करके कृषि व भारत को समृद्ध बनाया जा सकता है। देश से मांस निर्यात करना अभिशाप से कम नहीं है। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर गौशालाएं एवं खंड स्तर पर पशु विज्ञान केंद्र को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि गाय को भगवान राम और श्री कृष्ण आराध्य के रूप में देखते आए हैं। आज उसी देश में गौवंश असुरक्षित है। उन्होंने कहा कि 250 साल से देश गलत नीतियों के कारण पंगु हो रहा है, जिसको बदलने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि मानव भौतिकता की चकाचौंध में अंधा हो गया है। उन्होंने आर्यिकारत्न पूर्णमति माताजी से आशीर्वाद लिया और आचार्यश्री के चित्र का अनावरण किया। आयोजन के दौरान सुरेंद्र सिंह विष्ट मुंबई, विकास, उमाशंकर तिवारी, स्वप्नेश चौहान, आर्य समाज के आचार्य रवींद्र कुमार, सत्यप्रकाश, भारत, मृगेंद्र कुमार दिल्ली, सुरेंद्र झा, सर्वोदय, जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, डा. अक्षय टडैया, मुकेश सर्राफ, मनोज जैन बबीना, राजेंद्र जैन थनवारा, पार्षद पंकज जैन, अक्षय अलया, संजीव जैन और विनय भैया आदि मौजूद रहे। अमर उजाला ब्यूरो