नगर पालिका अध्यक्ष्ा ललितपुर
- फोटो : amar ujala
ललितपुर। नोटबंदी के बाद शहर में विगत एक वर्ष से थमे नगर पालिका के निर्माण कार्यों ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। हाल में न तो नगर पालिका में अतिरिक्त बजट की प्राप्ति हुई और न ही ठेकेदारों का भुगतान हुआ है, इसके बावजूद काम शुरू हो गए हैं।
नगर पालिका पिछले डेढ़ वर्ष से आर्थिक तंगी से जूझ रही है। विभाग के पास ठेकेदारों का भुगतान करने के लिए धनराशि नहीं है। पूर्ण हो चुके निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं होने के कारण पिछले एक वर्ष से ठेकेदारों ने शहर में किसी सड़क व नाली का निर्माण कार्य नहीं किया। जनता की मांग पर कई बार नगर पालिका ने अपने ठेकेदारों से निलंबित पड़े कार्यों को पूर्ण करने की अपील की, लेकिन सभी ठेकेदारों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। कोई भी पुराने कार्यों का भुगतान चुकता हुए बिना नया निर्माण कार्य करने को तैयार नहीं हो रहा था। लेकिन जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालेधन व भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग छेड़ते हुए एक हजार रुपए व पांच सौ रुपए के पुराने नोटों को चलन से बाहर कर दिया है, इसके बाद नगर पालिका के कुछ ठेकेदारों ने एक वर्ष से लंबित पड़े सड़क निर्माण कार्यों को पूर्ण कराना शुरु कर दिया है।
अभी न तो नगर पालिका ने किसी ठेकेदार को पूर्ण भुगतान किया है और न ही विभाग ने कोई नए टेंडर निकाले हैं। इसके बावजूद शहर में शुरु हुए सड़क निर्माण कार्यों ने चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। विगत एक सप्ताह में आरई मिशन स्कूल से जिला अस्पताल की ओर जाने वाले मार्ग पर अधूरा सड़क निर्माण कार्य, अभिलाषा पेट्रोल पंप के पास स्थित चौराहा पर सीसी निर्माण कार्य पूर्ण कर दिया गया है। वहीं वार्ड नंबर 11 में नगर पालिका द्वारा सड़क का निर्माण कार्य शुरु कर दिया गया है और एक दो दिन में ही वार्ड नंबर 04 में सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अभी किसी ठेकेदार का लंबित भुगतान अदा नहीं किया गया है। ठेकेदार अचानक से इन लंबित कार्यों के प्रति दिलचस्पी क्यों दिखा रहे हैं यह तो नहीं पता लेकिन निर्माण कार्यों को पूर्ण कराया जा रहा है जो अच्छी बात है।
-राकेश कुमार
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी