कलौथरा। विकासखंड बिरधा के कई ग्रामों में चना, मसूर, मटर और गेहूं की बोयी गई फसलों को कीड़ों - मकोड़ों ने बर्बाद कर दिया है। अब किसान सिंचाई करके और दवा का छिड़काव करके फसलों को बचाने में जुटे हैं।
खेतों में नमी को देखते हुए किसानों ने चना, मटर, मसूर और गेहूं की बुवाई 15 अक्तूबर तक कर दी थी। लेकिन, खेतों में पर्याप्त ठंडक नहीं हो पाई थी। लेकिन, खेतों में छिपे कीड़ों- मकोड़ों ने बीज को अंकुरित होने से पहले ही नष्ट कर दिया। किसानों ने बीज को कीड़ों से बचाने के लिए दवाओं का छिड़काव किया, लेकिन दवाओं ने काम नहीं किया। कुछ किसानों ने सिंचाई भी की, पर कोई फायदा नहीं हुआ। अब मजबूर होकर किसान दोबारा बुवाई की तैयारी कर रहे हैं।
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हमारी करीब 15 एकड़ की गेहूं और मसूर की बोयी हुई फसल को कीड़ों ने नष्ट कर दिया है। जबकि, हमने बुवाई के समय कीटनाशक दवाइयां मिलाई थीं, लेकिन फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। अब दोबारा बुवाई की तैयारी कर रहे हैं।
- हरगोविंद झा, किसान बिरधा
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हमने दो एकड़ मे मसूर की फसल बोई थी। इसमें एक पौधा भी नहीं जमा। क्योंकि, कीड़ों ने खेत में अंकुरित होने से पहले ही बीज को खा लिया। सबसे अधिक नुकसान मसूर का हुआ है।
- रामसिंह लोधी, किसान सतौरा
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गेहूं की फसल बोई थी, लेकिन कीड़ों से बीजों को नष्ट कर दिया। अब दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी।
- मुरारी दुबे, किसान सतौरा
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सबसे ज्यादा नुकसान मसूर और गेहूं को हुआ है, क्योंकि मसूर और गेहूं का अंकुरण कमजोर होता है। इसलिए कीड़ों ने मसूर और गेहूं की फसल को बर्बाद कर दिया है। अब हमें अपने खेत की सिंचाई करके दोबारा बुवाई करनी पड़ेगी।
- प्रेमनारायन, किसान सिंगेपुर
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