कलौथरा/ललितपुर। पाली तहसील क्षेत्र के कई गांवों में तेज हवा के साथ हुई बारिश ने फसलों को प्रभावित कर दिया है। चना और गेहूं की खड़ी फसल गिर गई है। मटर व मसूर को अधिक नुकसान पहुंचा है। इससे किसानों के माथे पर कर्ज से चिंता की लकीरें आ गईं हैं।
तहसील क्षेत्र के ग्राम कलौथरा, सिंगेपुर, सतौरा, पिपरिया, पाली कलरव समेत कई गांव में इस बार फसल अच्छी थी। किसानों को उम्मीद थी कि फसल का उत्पादन ठीक होने से कर्ज से राहत मिलेेगी। लेकिन बीते माहों में कीड़े, इल्ली और पाला लगने से फसल प्रभावित हो गई थी।
अब तेज हवा के साथ आई बारिश से रबी की फसलें खराब हो गईं हैं। इनमें गेहूं व चना की फसल पूरी तरह खेतों में बिछ गई है। वैसे ही किसान पहले कीड़ों के खाने और इल्ली उकसा पाला जैसी आपदाओं से गुजर चुका है, लेकिन अब किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं मटर की कटी हुई फसल की फलियां फूल गईं। यहां पर वर्तमान में मटर की फसल की कटाई शुरू हो गई थी। बारिश होने से मटर का दाना फूल गया है। इससे सूखने पर खेत में गिर जाएगा। अब किसानों को फसल की लागत तक निकालना मुश्किल हो गया है।
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दो एकड़ जमीन में गेहूं की फसल की बुवाई की थी, लेकिन अचानक बेमौसम बारिश और हवा के कारण पूरी फसल गिर गई है। कैलाश नारायन सिंगेपुर
पांच एकड़ के खेत मे चना बोया था, फसल अच्छी थी, लेकिन अचानक हवा और पानी से पूरी फसल गिर गई हैं। इससे भारी नुकसान हो गया है। कृपाल सिंह यादव कलौथरा
सर्वे कराकर फसल के नुकसान का आंकलन करेगा प्रशासन
ललितपुर। बीती शाम तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश और ओले गिरने से रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में गेेहूं व चना की खड़ी फसल खेतों में गिर गई है तो मसूर के फूल झड़ गए हैं। मटर के पौधों में पक रही फलियां पानी से फूल गईं है, जिससे फलियां कभी फट सकती है व दाना गिर सकता है। उधर, प्रशासन ने राजस्व अधिकारियों को फसल के नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं।
इस समय जिले के लगभग डेढ़ लाख से अधिक किसान कर्ज तले दबे हुए हैं। गत दिवस शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई थी। शुरूआत में में किसानों को लगा की कम ही बारिश होगी। लेकिन देर रात तक झमाझम बारिश हुई। इसके साथ ही महरौनी के कुछ क्षेत्र में चना के आकार के ओले भी गिरे हैं। बारिश व तेज हवा से चना व गेहूं की फसल गिर गई है। मटर की पक रही फसल एवं कटी चुकी फसल को नुकसान हुआ है। मसूर का फूल भी झड़ गया है। इसमें सबसे अधिक नुकसान मसूर हो पहुंचा है। बारिश के साथ तेज हवाओं से चना व गेंहू की फसल गिर गई है। महरौनी बार, जाखलौन, नाराहट तालबेहट, जाखलौन, बानुपर, पाली आदि के कई क्षेत्रों में फसल को नुकसान पहुंचा है। उधर, जिला प्रशासन द्वारा तहसीलदारों के माध्यम से फसल का सर्वे कराया जा रहा है, जिससे किसानों को राहत प्रदान की जा सके।
पच्चीस हजार रुपये प्रति एकड़ दिलाए मुआवजा
ललितपुर। बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान को दृष्टिगत रखकर किसान नेता किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आगे आ गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर फसल का सर्वे कराकर 25000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसान नेता एड मुकेश करमरा ने ज्ञापन में बताया कि गत शाम बेमौसम वर्षा क्षेत्र के किसानों के लिए आफत बनकर आई है। तेज हवा के साथ हुई बारिश से जहां गेहूं की फसल खेत में बिछ गईं है। वहीं, मटर की फसल जो खेतों में कटी पड़ी थी, वह हवा के साथ उड़कर इधर उधर बिखर गईं। फसलों को करीब 50 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त चना, मसूर में भी नुकसान हुआ है। इससे किसानों को कर्ज चुकाने की चिंता सताने लगी है। पाली तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम करमरा, पटौआ, कैथोरा, ठगारी, बंट, मडना, खाईखेरा, राजगढ़, बजरंगगढ, पडना, चीमना, डोंगराकलां, डोरना, उमारिया, पिपरिया, बंगरिया, सलैया, कलरव, कलौथरा, भौता और ललितपुर तहसील के गांव बिरधा, बछलापुर, ऐरावनी, घटवार, जामुनधाना, पठारी, बमरौला, सतरवांस, टीला, खितवांस, छिल्ला, पटसेमरा में फसलों को नुकसान पहुंचा है। ज्ञापन पर मुकेश कुमार लोधी करमरा, शशिकांत सिंह लोधी करमरा के हस्ताक्षर अंकित हैं।
सिंगेपुर में जमीन पर तिरछी पड़ी गेंहू की फसल- फोटो : LALITPUR