ललितपुर। कक्षा नौ के छात्र आयुष (15 वर्ष) का अपहरण उसके ही दोस्तों ने किया था। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए अपहरणकर्ताओं ने खुलासा किया कि वे फिरौती की रकम से अपना बिजनेस करना चाहते थे।
बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने छात्र आयुष के अपहरण का खुलासा करते हुए बताया कि बजाज पावर प्लांट में सीनियर मैनेजर गौतम राय के पुत्र आयुष उर्फ ऋषि राय का 8 जनवरी को स्कूल की छुट्टी के बाद अपहरण कर लिया गया था।
अपहरणकर्ताओं ने आयुष के पिता से फोन कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। उन्होंने पुत्र के अपहरण की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी थी। छात्र के अपहरण की जानकारी मिलने पर सक्रिय हुई स्वॉट टीम समेत थानों की पुलिस ने छात्र को टीकमगढ़ से देर शाम सकुशल बरामद कर लिया था।
छात्र की बरामदगी के बाद से ही पुलिस लगातार अपहरणकर्ताओं की तलाश कर रही थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वॉट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह चंदेल के नेतृत्व में लगातार छापामारी की जा रही थी। जिस मोबाइल से फिरौती की मांग की गई थी, उसे निगरानी में रखा गया था।
बुधवार को स्वॉट टीम को मुख्य आरोपी राम राजपूत की लोकेशन जाखलौन थाने के बम्हौरी कलां गांव में मिली, जहां दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्त में आए राम ने बताया कि उसने अपहरण अपने दोस्तों मुहल्ला आजादपुरा निवासी रूपेश उर्फ बीटू तिवारी, टीकमगढ़ के पठा गांव निवासी देवेंद्र यादव, व टीकमगढ़ के ही बोरी गांव निवासी राजेंद्र यादव के साथ मिलकर किया था।
पुलिस ने राम राजपूत, देवेंद्र यादव व रूपेश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी राजेंद्र फरार है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अपहरण कांड का खुलासा करने वाली टीम को डीआईजी की तरफ से 15 हजार रुपये व उनकी तरफ से पांच हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। इस मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक सुधा सिंह, सीओ सदर ओंकार सिंह यादव उपस्थित रहे। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी उदयभान सिंह यादव, सर्विलांस प्रभारी देवी सिंह, संजीव शर्मा, शफीक, मनोज, देवराज, दीपक सिंह, रविंद्र सिंह, सुमित कुमार आदि शामिल रहे।
भैया घुमाने ले गए थे
अपहृत छात्र आयुष ने बताया कि उसके घर में काम करने वाली आंटी के बेटे रुपेश से उसकी दोस्ती थी। रुपेश ने राम राजपूत से दोस्ती कराई थी। उसने बताया कि राम कई दिनों से कचनौंदा बांध घूमने की बात कह रहा था। 8 जनवरी को स्कूल की छुट्टी के बाद राम मोटरसाइकिल से स्कूल पहुंचा और बांध घूमने की बात कहकर ले गया।
बांध पहुंचने के बाद राम ने बताया कि गाड़ी का पेट्रोल खत्म होने वाला है और उसके पास पैसे नहीं है। थोड़ा आगे अपने दोस्त के पास चलने की बात कहकर वह उसे लेकर टीकमगढ़ की ओर लेकर चल पड़े। रास्ते में काली पल्सर से राजेंद्र यादव आ गया। टीकमगढ़ पहुंचने पर आयुष रोने लगा तो उसे किसी तरह चुप कराकर दोनों टीकमगढ़ जिले के पठा के जंगल में ले गए, जहां उसे छोड़कर राम वापस आ गया।
यहां आकर राम ने रुपेश को पूरी बात बताई, जिसपर रुपेश ने आयुष को छोड़ देने के लिए राजेंद्र को फोन लगाया। हड़बड़ाहट में आयुष को छोड़ दिया गया। आयुष किसी तरह कोतवाली टीकमगढ़ पहुंचा, जहां से उसने परिजनों को जानकारी दी।
दोस्तों पर रखें नजर
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि यह घटना जिले के अभिभावकों के लिए सबक साबित हो सकती है। अभिभावकों को अपने बच्चों के दोस्तों के बारे में जानकारी रखनी चाहिए। उच्च वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले आयुष ने जिन लड़कों से दोस्ती की, वह न तो उसके साथ पढ़ने वाले थे और न ही उनकी पृष्ठभूमि अच्छी है। एसपी ने कहा कि अभिभावक बच्चों के क्रियाकलाप पर नजर रखकर उन्हें अंजान खतरे से बचा सकते हैं।
परिचित के ही निकले आरोपी
आयुष का अपहरण करने वाले उसे व उसके परिवार को भलीभांति जानते थे। रुपेश की मां आयुष के घर में चौका-बर्तन का काम करती थी। फरार आरोपी राजेंद्र यादव बजाज पावर प्लांट में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी कर चुका है, जिसको सीनियर मैनेजर गौतम राय के बारे में पूरी जानकारी थी।