खेत में पानी देने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति के अपहरण की रिपोर्ट उनकी पत्नियों ने पूराकलां थाने में दर्ज कराई है। बृहस्पतिवार को एक अपहृत वापस लौट आया। पुलिस दूसरे की तलाश कर रही है। बताया गया है कि दोनों पक्षों में पहले से ही राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता चल रही है।
थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम विजयपुरा के मजरा खुशीपुरा निवासी रामकिशन पुत्र खज्जू की पत्नी रजकू ढीमर ने पुलिस को एक शिकायती पत्र देकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं वर्तमान ग्राम प्रधान के पति स्वामी प्रसाद यादव, केसरी, बब्लू, राजाराम, शिशुपाल, मनोज, लक्ष्मन, कल्लू, राजू, चंदू, हददू सहित ग्यारह लोगों के खिलाफ उसके पति को अपहृत करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चार मार्च को आरोपी दिन में उसके पति रामकिशन का ले गए। वहीं, लक्ष्मण पुत्र मरदू की पत्नी राजकुमारी ने गांव के राजा प्रताप, रामकिशन और सौरभ रजक के खिलाफ उसके पति को अपहृत करने का आरोप लगाया। उसका कहना है कि चार मार्च को खेत में पानी देते समय आरोपी उसका अपहरण कर ले गए। पुलिस ने दोनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है।
इस मामले में एक अपहृत लक्ष्मन पुत्र मरदू बृहस्पतिवार को अपने घर वापस आ गया, जिसका सीएचसी तालबेहट में उपचार हुआ। वहां उसने बताया कि कुछ दिन पहले उसका सिंचाई को लेकर गांव के एक दबंग से विवाद हो गया था। जिसके चलते उसे आरोपी उसे उठा ले गए। उन्होंने उसे एक गांव में रात में रखा और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। इसके बाद उसे भोपाल ले गए। बृहस्पतिवार को दो लोग उसे तालबेहट में छोड़कर भाग गए। उसने यह भी बताया कि वह यह नहीं जानता की वह लोग कौन है।
मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी कुंवर बहादुर सिंह का कहना है कि थानाध्यक्ष पूराकलां को दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं थानाध्यक्ष पूराकलां सुभाष चंद्र का कहना है कि दूसरे अपहृत की तलाश जारी है।
बताया गया है कि दोनों पक्षों के मुखिया पहले से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी है। खेत में पानी को लेकर हुए विवाद के पीछे यह रानीतिक प्रतिद्वंद्विता भी बताई जा रही है। इस घटना में गांव के एक हिस्ट्रीशीटर का नाम होने के कारण ग्रामीण कुछ भी कहने से बच रहे हैं।