पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने सभी थानेदारों को निर्देशित किया है कि जिस थाना क्षेत्र में लूट की घटना घटित होगी, उस थाना प्रभारी को राजकीय कार्य में शिथिलता, अपराधों की रोकथाम में असफलता और लापरवाही का दोषी मानते हुए दो हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। यदि किसी थानाध्यक्ष ने लूट की घटना में त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना का अनावरण कर दिया तो उस टीम को ढाई हजार रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसी तरह, क्षेत्र में नकबजनी का अपराध होने पर पंद्रह सौ रुपए अर्थदंड, चोरी होने पर थानाध्यक्ष से लेकर बीट आरक्षी तक को एक हजार रुपए से दंडित किया जाएगा। विवेचना में लापरवाही बरतने पर दस से पंद्रह दिन के वेतन के बराबर अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी।