मंगलवार को पाली के जंगल में मिले आदिवासी महिला के शव का पोस्टमार्टम होने पर साफ हो गया है कि महिला की हत्या गला दबा कर की गई थी। उसकी आंखें किसी जानवर नहीं खाई थीं, बल्कि हत्यारे ने निकाली थीं।
थाना पाली क्षेत्र के ग्राम डुंगरिया के जंगल में दो दिन पूर्व बकरियां चराने के लिए गई आदिवासी महिला पठौरिया वाली पत्नी रतू सहरिया का शव मंगलवार को जंगल में पड़ा मिला था। शव के दोनों हाथ व पैर साड़ी से बंधे हुए थे। महिला की दोनों आंखें गायब थीं। शव मिलने पर पुलिस द्वारा यह दावा किया जा रहा था कि किसी जानवर ने आंखें खा ली हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
बुधवार को शव का पोस्टमार्टम डा.मुकेश सेठ व डा.पवन सूद द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हो गया है कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। बेरहमी से हत्यारों ने उसकी आंखें भी निकाल ली थीं। इससे तमाम सवाल उठ रहे हैं।
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दो माह में हो चुकी हैं आधा दर्जन हत्याएं
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले दो माह में आधा दर्जन हत्याएं हो चुकी हैं। विगत माह तीज त्यौहार की रात कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला गांधीनगर में सोनू उर्फ अमित साहू की हत्या कर दी गई थी। इसी रात ग्राम जामुनधाना में भूरी नाम की एक महिला की हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था। विगत माह में थाना बानपुर क्षेत्र के ग्राम दैलवारा में पुरानी रंजिश के चलते हरचरन लोधी की हत्या कर दी गई थी। कुछ दिन पूर्व ही थाना पाली के ग्राम बरौदिया राईन में नरेंद्र सिंह नाम के युवक की हत्या कर दी गई थी।