ललितपुर। न्याय का मंदिर कहलाने वाली कचहरी परिसर में शाम ढलते ही गैरकानूनी काम हो रहे हैं। स्थिति यह है कि एक बार फिर से कचहरी में जुआरियों की महफिल सजने लगी है। यहां पर विशेष प्रकार का जुआ टांग संचालित हो रहा है।
शनिवार को कोतवाली पुलिस ने सुरई घाट स्थित श्मशान घाट में हो रहे जुआ के अड्डे का खुलासा किया था। लेकिन, कचहरी में हो रहे जुआ में लाखों के दांव लग रहे हैं। बिडवंना यह है कि इस खेल में कई वर्दी धारी और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार कचहरी में होने वाला जुआ एक पुलिस कर्मी की सरपरस्ती में हो रहा है।
पिछले साल तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कचहरी में जुआरियों पर छापामार कार्रवाई की गई थी। इस दौरान पुलिस कर्मी व सरकारी कर्मचारी पकड़े गए थे, उसके बाद से जुआ बंद हो गया था। लेकिन, अब फिर से जुआ होने लगा है।
झांसी से जुड़े हैं तार
कचहरी में हो रहे जुआ के तार झांसी से जुड़े हैं। सूत्रों की मानें तो पिछले दिनों एक वर्दीधारी ने झांसी से जिले में आकर कचहरी में फिर से जुआ संचालित कराने की रणनीति बनाई। करीब सप्ताह भर अपनी देखरेख में जुआ संचालित कराने के बाद वर्दीधारी वापस चला गया और जुआ संचालन का जिम्मा अपने लोगों को सौंप दिया है।
ऐसे होता है टांग का खेल
कचहरी में इस समय विशेष किस्म का जुआ टांग के नाम से संचालित किया जा रहा है। इस खेल में एक आदमी ही सारे खेल की जिम्मेदारी अपने ऊपर लिए रहता है।
एक पत्ते का फायदा लेकर चलने वाला संचालक इस खेल में सबसे ज्यादा निवेश करने वाला खिलाड़ी रहता है। टांग को खेलने के लिए जनपद के बड़े जुआरी कचहरी में एकत्रित हो रहे हैं।