ललितपुर। अपर सत्र न्यायाधीश आवश्यक वस्तु अधिनियम लोकेश राय की अदालत ने साढ़े चार वर्ष पूर्व युवक की हत्या के मामले में छह हत्यारोपियों पर दोष सिद्ध पाया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश द्वारा सजा सुनाई जाएगी।
ग्राम बरतला निवासी भगवान दास पुत्र हल्काईं ने साढ़े चार वर्ष पूर्व थाना बानपुर में पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि गांव के मनोहर आदि से उसकी जमीन की विवाद को लेकर रंजिश चल रही थी। दो मई 2011 को वह और उसका भाई सूरजभान से खेतों को जा रहे थे
कि करीब सुबह साढ़े नौ बजे, जब वे लोग गांव निवासी राजेश, बृजनंदन, संतोष, मनोहर पुत्रगण प्रागी के मकान के सामने पहुंचे तो उन सभी ने गांव के दो अन्य लोगों घनेंद्र व अर्जुन सिंह पुत्रगण रामसिंह ने एक राय होकर अपने हाथों में लाठी, कुल्हाड़ी एवं तलवार आदि लेकर उसके भाई सूरजभान को राजेश के घर में खींच ले गए और उसे जान से मारने के उद्देश्य से मारपीट करते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया। चिल्लाने पर उसके चाचा रामनारायण व अन्य ग्रामीण वहां आ गए, जिस पर वे सभी उसके भाई को छोड़कर भाग गए।
ग्रामीणों की मदद से उसके भाई को जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां सूरजभान की मृत्यु हो गई। भगवानदास की तहरीर पर थाना बानपुर पुलिस ने उक्त लोगों के खिलाफ घर में घुसकर एक राय होकर मारपीट करने और बलवा और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। पुलिस ने उक्त मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए।
तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सभी छह अभियुक्तों को सूरजभान की हत्या का जुर्म सिद्ध पाया। न्यायाधीश द्वारा दंड के प्रश्न पर बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया जाएगा। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तिलक सिंह यादव ने की।