हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे वृद्ध कैदी की बीमारी के चलते जेल में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने जेल पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जेल में सजायाफ्ता गोविंदी (65) की करीब एक माह से तबियत खराब चल रही थी। शनिवार देर रात अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। जानकारी होने पर जेल पुलिस ने कैदी का जेल चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार न होता देख चिकित्सक ने बंदी रक्षकों के साथ कैदी को जिला चिकित्सालय भेज दिया। यहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने जेल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जेल पुलिस मिलाई के दौरान परिजनों से और मृतक से अभद्रता करते थे। उन्हें जेल पुलिस ने बीमारी की सूचना भी नहीं दी।
पुलिस के अनुसार करीब 22 वर्ष पूर्व नगर से नत्थू रजक की पुत्री की बारात बस से पाली थाना क्षेत्र के ग्राम निवाई जा रही थी। उसी बस में निवाई निवासी किशोरी विश्वकर्मा अपनी बहू के साथ सवार हो गया। जैसे ही बस गांव पहुंची तभी कुछ बारातियों ने किशोरी की बहू पर छींटाकशी कर दी। इस पर गहमागहमी होने लगी। इससे नाराज लड़की पक्ष के लोगों ने किशोरी को लाठी-डंडों से पीट दिया, इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के पुत्र अनरथ की तहरीर पर नत्थू, भबूदी, गोपी, कल्ले, दुन्ने, आशा, गोविंदी व घंशू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किए थे। न्यायाधीश ने आरोपियों को आजीवन कारावास सुनाया था। कारावास के दौरान ही नत्थू व भबूदी की मौत हो गई। अब गोविंदी की भी मौत हो गई।