ललितपुर। एसडीएम महरौनी के निर्देश के बाद भी सामूहिक बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज नहीं करने तथा पीड़िता के खिलाफ ही मुकदमा लिखने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने महरौनी कोतवाल को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है, साथ ही दोनों मुकदमों की जांच मड़ावरा थानाध्यक्ष को सौंप दी है।
महरौनी कोतवाली में सुनवाई न होने पर पीड़िता ने एसडीएम महरौनी यशु रुस्तगी के समक्ष उपस्थित होकर तीन लोगों पर सामूहिक बलात्कार किए जाने का आरोप लगाया था। आरोपों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने कोतवाल को फोन करके एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कोतवाल ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। दूसरे दिन एसडीएम ने कोतवाल को पत्र लिखकर कार्रवाई की चेतावनी दे डाली। इसके बाद कोतवाल ने पीड़िता की रिपोर्ट तो कर ली, लेकिन उसके पहले आरोपी पक्ष की ओर पीड़िता के खिलाफ भी मुकदमा कायम कर लिया था, जिससे दोनों मामलों में महरौनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे थे। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने महरौनी कोतवाल हाकिम सिंह से स्पष्टीकरण तलब करते हुए कोतवाली में दर्ज सामूहिक बलात्कार और पीड़िता के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे की जांच मड़ावरा थानाध्यक्ष इंसपेक्टर जितेंद्र सिंह परिहार को सौंप दी है।
यह है पीड़िता का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि बीती पांच जुलाई को वह ग्राम खितवांस से महरौनी की ओर लौट रही थी, रास्ते में ग्राम छिल्ला और खितवांस के बीच भोंरदा निवासी हुकुम सिंह समेत तीन लोग उसे पकड़ कर खेत में बने टपरे में ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
पीड़िता पर हैं यह आरोप
सामूहिक बलात्कार के मुख्य आरोपी का आरोप है कि पीड़िता ने उस पर बलात्कार का झूठा मुकदमा लिखाने की धमकी देकर ढाई लाख रुपयों की मांग की। इंकार करने पर अपने साथियों के साथ मिलकर उसे फंसाने की साजिश की।