खाद व्यापारी के साथ 25 लाख रुपये की लूट के मामले में जनपद की पुलिस को रोज नई चुनौती से सामना करना पड़ रहा है। घटना के खुलासे को एसपी ने तीन टीमें गठित की थी, लेकिन तीनों टीमों के हाथ खाली है।
झांसी में एक करोड़ से अधिक की लूट का खुलासा मय रकम के साथ होने के बाद से जनपद पुलिस पर लूट का जल्द खुलासा करने का दबाव बना हुआ है। लुटेरों का सुराग पाने के लिए पुलिस ने जनपद के अपराधियों से पूछताछ कर डाली है, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात बना हुुआ है। सोमवार देर शाम जांच टीम ने बसपा प्रत्याशी संतोष कुशवाहा को पूछताछ के लिए बुलाया। जांच टीम बसपा प्रत्याशी से मामला जुड़ा होने के कारण उन्हें बिरधा चौकी लेकर पहुंची, जिससे कोई राजनीतिक बवाल न हो। हालांकि प्रत्याशी को पुलिस द्वारा बुलाने की सूचना मिलने पर महरौनी विधायक व बसपा जिलाध्यक्ष बिरधा चौकी पहुंचे और प्रत्याशी को साथ ले आए। बताया जा रहा है, कि लूटकांड में एक युवक पर संदेह जताया जा रहा है। इस युवक की रिश्तेदारी बसपा प्रत्याशी से होने के कारण पुलिस ने उन्हें घटना के बारे में जानकारी लेने के लिए बुलाया था। तेजी से बदल रहे घटनाक्रम में डीआईजी झांसी शरद सचान ने भी झांसी से एक विशेष टीम को लूटकांड का खुलासा करने के लिए जनपद भेजा है, लेकिन इस टीम के सदस्यों को स्थानीय स्तर से मदद न मिलने के कारण विशेष टीम द्वारा कोई भी एक्शन नहीं लिया जा सका है। व्यापारियों के बढ़ रहे दबाव व आला अधिकारियों के कड़े निर्देशों के कारण जनपद पुलिस के लिए खाद व्यापारी से हुई लूट का खुलासा करना बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पुलिस किसी तरीके से लूटकांड का जल्द से जल्द खुलासा करने के मन में है। सूत्रों की मानें तो पुलिस आने वाले एक दो दिन में लूटकांड का खुलासा कर सकती है।
आरोपी तो मिल जाएं, रकम कहां से लाएं
लूटकांड के सुराग पाने के लिए पुलिस द्वारा जनपद के पुराने हिस्ट्रीशीटरों समेत संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। इस पूछताछ के क्रम में कुछ पुराने अपराधियों ने थर्ड ड्रिग्री से बचने के लिए झूठा ही अपराध कबूल कर लिया, लेकिन पुलिस के सामने मुश्किल यह है कि वह लूटी हुई रकम को कैसे बरामद दिखाए।
जमीन का सौदा चर्चा में
मंगलवार को रात को घटे घटनाक्रम के बाद से पूरे जनपद में एक जमीन का सौदा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बहुत जल्दबाजी में हो रहे इस जमीन के सौदे में कुछ पुलिस कर्मी भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस जमीन की खरीद फरोख्त से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल लूटकांड के खुलासे में किया जा सकता है। उम्मीद जताई जा रही है, कि यह जमीन का सौदा बुधवार को फाइनल हो जाए।
अभिलाषा लूटकांड जैसा न हो हाल
कुछ वर्ष पूर्व अभिलाषा पेट्रोल पंप के मुनीम से करीब 13 लाख रुपये की लूट की घटना को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से कुछ दूरी पर अंजाम दिया गया था। दिनदहाड़े एसपी कार्यालय के नजदीक लूटकांड होने से पुलिस को काफी आलोचना सहनी पड़ी थी। गुडवर्क दिखाने के फेर में पुलिस ने लूट के पुराने आरोपी को मध्य प्रदेश के बीना से गिरफ्तार कर लूट का खुलासा दिखा दिया था।