बार थानांतर्गत मिर्चवारा गांव के मजरा कंचनपुरा में घर में सो रहे मजदूर की गला रेतकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयोग लाई गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है। अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता ने पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि मजदूर की हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई है।
एसपी अवधेश कुमार विजेता ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 15 अगस्त की देर रात ग्राम मिर्चवारा के मजरा कंचनपुरा में बने कच्चे घर में चारपाई पर हरिकिशन बरार पुत्र लुटईया सो रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सुखलाल पुत्र छन्दी बरार व उसके भाई पप्पू बरार ने कुल्हाड़ी से हरिकिशन की गर्दन व चेहरे पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर नामजद हत्यारोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में जुटी बार पुलिस को बुधवार की सुबह थानाध्यक्ष रामसहाय को बग्लन चौराहे के पास आरोपियों के होने की सूचना मिली। इसके बाद वह एसआई राजेन्द्र किशोर त्रिपाठी, सिपाही उमेश, सत्यप्रकाश, रामबाबू पाल व सतेंद्र शुक्ला के साथ जा पहुंचे और घेराबंदी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी पप्पू की निशानदेही पर कुएं के पास छिपी कुल्हाड़ी बरामद कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
अवैध संबंध बने हत्या का कारण
पुलिस के मुताबिक मृतक हरिकिशन के एक आरोपी की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे। पिछले तीन साल पूर्व से मृतक व आरोपी पप्पू की पत्नी के बीच अवैध संबंध चल रहे थे। एक वर्ष पूर्व आरोपी पप्पू ने हरिकिशन को पत्नी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया। इसके बाद गांव में पंचायत के माध्यम से मामले को सुलझा दिया गया। लेकिन, आरोपी पप्पू इस बात की रंजिश मानता चला आ रहा था। इसके चलते 15 सितंबर के एक हफ्ते पहले जब पप्पू आगरा से मजदूरी कर पत्नी के साथ घर आया हुआ था। इसी बीच आरोपी व मृतक के बीच में एक बार फिर विवाद हो गया। जिसकी पंचायत कर पुन: पंचायत कर मामले को शांत कर दिया गया। इसके बाद पप्पू ने हरिकिशन की हत्या की योजना बना डाली।
इस तरह दिया अंजाम
हत्यारोपी पप्पू 15 सितबंर की रात को आगरा से वापस अपने कुएं पर पहुंचा जहां से उसने अपने भाई सुखलाल को फोन कर कुल्हाड़ी लेकर कुएं पर आने की बात कहकर बुला लिया। इसके बाद काफी देर दोनो भाईयों की बीत बातचीत होने के बाद सुखलाल हरिकिशन के घर गया और वहां की भौगोलिक स्थिति को समझने के बाद उसने पप्पू को अंदर बुलाकर हरिकिशन को पकड़ लिया और पप्पू ने कुल्हाड़ी से गर्दन पर व चेहरे पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। देर रात मृतक की पत्नी संगीता जब बच्चे की रोने की आवाज सुनकर उठी तो उसने चारपाई के नीचे खून पड़ा देख परिजनों व पुलिस को सूचना दी।