महरौनी (ललितपुर)। चोरी के शक में महरौनी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए एक युवक के परिजनों ने बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर महरौनी पुलिस द्वारा युवक के साथ मारपीट करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मारपीट से घायल युवक का जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
महरौनी थाना के ग्राम छपरट निवासी जुगल पुत्र उमराव ने एसपी को पुलिस के खिलाफ एक शिकायती पत्र दिया, जिसमें बताया कि उसके पुत्र राजू को महरौनी कोतवाली के एक दरोगा ने चोरी के मामले में विगत दो मई को हिरासत में लिया था। आरोप है कि इस दौरान कोतवाली में उपनिरीक्षक ने राजू के साथ अमानवीय बर्ताव करते हुए पूछताछ के नाम पर मारपीट की, जिससे राजू गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोप है कि महरौनी पुलिस ने राजू को चोरी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी है।
पीड़ित के पिता और परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले की जांच कर दोषी दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। जिला मुख्यालय पर सहरिया परिवार द्वारा प्रार्थना पत्र देने के बाद युवक को चिकित्सकीय परीक्षण हेतु भेजा गया और जिला चिकित्सालय में उसका उपचार चल रहा है।
यह है मामला
महरौनी। कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम किसरदा में पिछले महीने एक ही रात में पांच अलग-अलग घरों में चोरी की घटनाएं हुई थीं। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक मो. इमरान ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया था। महरौनी पुलिस इस मामले में अज्ञात चोरों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिरों से कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर पुलिस ने चोरी के मामले में कुछ दिन पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान अपना जुर्म स्वीकार करने के बाद तीनों आरोपियों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया गया था।
चोरी के इसी मामले में अन्य चोरों की तलाश जारी थी। संदेह के आधार पर राजू पुत्र जुगल निवासी ग्राम छपरट को भी पूछताछ करने के लिए हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि राजू पर पुलिस का शक केवल इस वजह से था, क्योंकि जानकारी मिली थी ग्राम किसरदा में हुई चोरियों की वारदात वाली रात राजू के घर पर ही चोरों ने खाना खाया था। इस बात को चोरी में पकड़े गए युवकों ने स्वीकार किया था, लेकिन उन चोरों के मुताबिक राजू की चोरी की घटनाओं में संलिप्तता नहीं बताई गई थी। इसके वावजूद पुलिस का राजू पर शक बना रहा और दो मई को उसे पुलिस घर से उठाकर कोतवाली ले आई थी।