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लाइसेंस शुल्क जमा करने में कर रहे आनाकानी

Mon, 14 Mar 2016 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। नगर पालिका ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर में संचालित नर्सिंग होम व प्राइवेट क्लीनिक संचालकों को लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए एक माह पूर्व नोटिस जारी किया था, लेकिन अभी तक किसी भी नर्सिंग होम संचालक ने शुल्क जमा नहीं किया है। उनकी आपत्ति के बाद अब संस्थानों का सर्वे शुरू कर दिया गया है।
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एक्सरे सेंटर, पैथालाजी, प्राइवेट हास्पिटल और नर्सिंग होम से निकालने वाले कचरा के निस्तारण के लिए अलग-अलग वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है। इसी आधार पर नगर पालिका ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में रजिस्टर्ड सूची के अनुसार नगर में संचालित पांच एक्सरे सेंटर, 13 पैथालॉजी सेंटर, एक प्राइवेट हास्पिटल, पांच नर्सिंग होम और 92 प्राइवेट क्लीनिक को 30 मई 2014 से वित्तीय वर्ष 2015-16 तक का लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए फरवरी माह में नोटिस जारी किया था।

लेकिन, एक माह बीतने के बाद भी अभी तक कोई शुल्क जमा नहीं किया गया। शहर में किसी एक्सरे सेंटर के साथ पैथालाजी है तो नर्सिंग होम के साथ एक्सरे सेंटर है। ऐसे में पालिका अलग-अलग लाइसेंस शुल्क लेना चाह रही है, जिस पर नर्सिंग होम संचालकों द्वारा आपत्ति दर्ज करा दी गई। साथ ही कुछ लोगों ने सेंटर बंद होने की आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इस आपत्ति के बाद अब फिर से सर्वे शुरू हो गया है।
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यह है निर्धारित लाइसेंस शुल्क
शासन ने मेडिकल इकाइयों का वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया था। इसके बाद तत्कालीन नगर पालिका बोर्ड ने इस शुल्क को घटाकर कम कर दिया था। एक्सरे सेंटर का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 1,334 रुपये, पैथालॉजी का 667 रुपए, प्राइवेट हास्पिटल का 3,334 रुपए, नर्सिंग होम का 1,334 रुपए व प्राइवेट क्लीनिक का 2,000 रुपए वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है।

यह दर्ज कराई आपत्ति
नगर में कुछ ऐसे सेंटर हैं, जहां पैथौलॉजी व एक्सरे दोनों एक साथ संचालित हो रहे हैं व कई नर्सिंग होम भी ऐसे हैं, जहां पर पैथौलॉजी व एक्सरे सेंटर संचालित हो रहे हैं। ऐसे सेंटर व नर्सिंग होम संचालकों ने नगर पालिका में आपत्ति दर्ज कराई है कि उनसे सभी का अलग-अलग शुल्क नहीं वसूला जाए। जबकि, यह तय कर दिया गया है कि शासनादेश के अनुसार निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा।

पालिका ने शुरू किया सर्वे
नगर पालिका द्वारा मेडिकल इकाइयों को लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए जारी किए नोटिस के बाद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी कि उन्होंने अपने सेंटर बंद कर दिए हैं। नगर सीमा के भीतर संचालित हो रहे एक्सरे सेंटर, पैथॉलाजी, प्राइवेट हास्पिटल, नर्सिंग होम व प्राइवेट क्लीनिकों की पुष्टि करने के लिए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने शनिवार से सर्वे शुरू कर दिया है। शनिवार को पालिका टीम ने जिला चिकित्सालय के पास सिविल लाइन क्षेत्र का सर्वे किया। इस दौरान कर अधीक्षक हेमंत सिंह, अभिषेक कुमार चौबे आदि उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से प्राप्त सूची के आधार पर ही नोटिस जारी किए गए हैं, लोगों द्वारा आपत्ति दर्ज कराने के बाद पालिका द्वारा क्षेत्र में सर्वे किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति को नोटिस से आपत्ति हो तो वह कार्यालय में आकर अपनी बात रख सकता है।
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- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
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