ललितपुर। थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम भारौन में साढ़े चार वर्ष पूर्व पत्नी की निर्मम हत्या करने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट लोकेश राय की अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायाधीश द्वारा दंड के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को सजा सुनाई जाएगी।
थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम बम्हौरी पठार निवासी भागीरथ सिंह ने थाना जाखलौन पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बड़ी पुत्री धनकुंवर की शादी ग्राम भारौन निवासी जयहेंदर सिंह के साथ और छोटी पुत्री सविता की शादी जयहेंदर के छोटे भाई हरनाम सिंह के साथ हुई थी। पुत्री धनकुंवर के दो बच्चे हैं। दामाद जयहेंदर धनकुंवर को आए दिन छोटी-छोटी बातों पर परेशान करता था, जिसकी शिकायत धनकुंवर ने कई बार उससे की थी।
19 नबंवर 2011 को जयहेंदर उसे ग्राम धौर्रा में मिला और खेत में बुआई के लिए डीजल व खाद लेकर ग्राम भारौन बुलाया, वह 22 नबंवर की शाम को डीजल व खाद लेकर ग्राम भारौन पहुंच गया। रात अधिक होने के कारण जयहेंदर के घर ग्राम भारौन ही रुक गया था।
रात करीब एक बजे उसकी पुत्री धनकुंवर चिल्लाई। उसने उठकर टार्च जलाकर कमरे में जाकर देखा, जहां जयहेंदर हाथ में कुल्हाड़ी लिए धनकुंवर को काट रहा था। यह देखकर उसने शोर मचाया तो बगल के कमरे में सो रही दूसरी पुत्री सविता व आसपास के लोग भी मौके पर आ गए।
इसी दौरान जयहेंदर ने कुुल्हाड़ी से धनकुंवर की गर्दन काटने के साथ व ब्लेड से पेट फाड़ दिया था। लोगों को देख वह कुल्हाड़ी लेकर भाग गया। अन्य लोगों ने जयहेंदर को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन हाथ में कुल्हाड़ी के डर से कोई हिम्मत नहीं जुटा सका।
भागीरथ की तहरीर पर जाखलौन पुलिस ने जयहेंदर के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना के उपरांत न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे और जयहेंदर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
सोमवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर पति जयहेंदर पर पत्नी की हत्या के जुर्म में दोषी पाया है। न्यायालय इस मामले में दंड के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को सजा सुनाएगा। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने की।
पत्नी पागल कहती थी
अधिवक्ता बादाम सिंह ने बताया कि ग्राम भारौनी निवासी जयहेंदर ने अपनी पत्नी की हत्या इस कारण कर दी थी कि उसकी पत्नी उसकी बात नहीं मानती थी और उसे पागल कहा करती थी। इससे गुस्साए पति ने कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काटकर पेट तक फाड़ दिया था। यहां तक उसने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से कई बार मारते हुए टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे। यह उस समय की दर्दनाक घटना थी, जो महिला के पिता और बहन के सामने घटित हुई थी।
वाराणसी मेंटल अस्पताल में रहा भर्ती
सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि जेल में बिताई अवधि के दौरान जयहेंदर सिंह मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के कारण वाराणसी मेंटल अस्पताल में दो वर्ष से अधिक समय तक भर्ती रहा। अब वह पूर्ण स्वस्थ है।