ललितपुर। जनपद में कच्ची शराब के साथ नकली देशी और अंग्रेजी शराब बड़े पैमाने पर तैयार हो रही है। नकली शराब की शिकायतें मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक मो. इमरान के निर्देश पर स्वाट टीम ने कोतवाली क्षेत्र के आजादपुरा इलाके में स्थित एक मकान में छापा मारकर बड़े पैमाने पर नकली शराब बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है।
आजादपुरा मोहल्ले में भगत सिंह के मकान में बड़े पैमाने पर नकली देशी शराब बनाने का कारोबार चल रहा था। शनिवार को स्वाट टीम ने कोतवाली पुलिस के साथ मकान पर छापामार कार्रवाई करके वहां पर नकली शराब की फैक्ट्री चलाने वालों को गिरफ्तार किया है। मौके पर पहुंचकर एसपी मो. इमरान ने स्वॉट टीम व कोतवाली पुलिस को नकली शराब बनाने के कारोबार के पीछे हर शख्स को उजागर करने के निर्देश दिए हैं। बिरधा ब्लॉक के पिपारिया गांव निवासी भगत सिंह पुत्र धनीराम हाल में राजपूत कालोनी आजादपुरा में निवास करता है। भगत सिंह का साला अरविंद पुत्र राजाराम पटेल अपने साथियों के साथ इस मकान में लंबे समय से नकली देशी शराब बनाने का काम चल रहा है। पुलिस कार्रवाई में मकान से बड़े पैमाने पर देशी शराब के खाली क्वार्टर, रैपर, होलोग्राम, कीटनाशक, ओपी, बरामद की गई। पुलिस ने भगत सिंह पटेल, अरविंद पटेल को गिरफ्तार किया है। वहीं, शराब बनाने के आरोपी राहुल, संजू, दीपू कुशवाहा की तलाश की जा रही है। पुलिस आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
कीटनाशक से बन रही थी शराब
स्वॉट टीम व कोतवाली पुलिस की कार्रवाई में नकली शराब की फैक्ट्री से कीटनाशक बड़े पैमाने पर बरामद किया है। जानकारों की मानें तो कीटनाशक वाली शराब पीने से जान भी जा सकती थी। कीटनाशक को भगत सिंह की बिरधा स्थित दुकान से शराब के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। एसपी ने भगत सिंह की कीटनाशक की दुकान को सील करने के निर्देश दिए हैं। एसपी के निर्देश पर बिरधा चौकी इंचार्ज आनंद भदौरिया ने दुकान को सील करने के साथ ही भगत सिंह पटेल को गिरफ्तार कर लिया।
गहनता से होगी जांच
नकली शराब की फैक्ट्री के खुलासे पर पुलिस अधीक्षक ने टीम को बधाई दी है। इसके साथ ही उन्होंने जांच केवल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तक ही सीमित न रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कि नकली शराब को पैक करने के लिए क्वार्टर, रैपर व होलोग्राम कहां से आ रहे हैं। इन सामानों के आपूर्तिकर्त्ता को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही नकली शराब किन ठिकानों से बेची जा रही थी और इसके खरीददार कौन है। उन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार करने को कहा है।
सरकारी दुकानें व ठेकेदारों की जांच जरूरी
शराब के कारोबार में जमकर मुनाफा कमाने के फेर में कई सरकारी दुकान संचालक भी नकली शराब बनाने के धंधे में उतर आएं हैं। जनपद की कई दुकानों को आबकारी विभाग से तय लक्ष्य से ज्यादा पर ठेकेदारों ने आवंटित कराया है। लक्ष्य से तीन गुना ज्यादा शराब की ब्रिकी कैसे ठेकेदार कर पा रहा है और उस ठेकेदार की पृष्ठभूमि कैसी है, यह सारी जानकारी लेने में आबकारी विभाग की कोई दिलचस्पी नहीं है। जनपद के दावनी, बुढ़वार, रायपुर, बांसी, महरौनी के कई इलाकों में नकली देशी बड़े पैमाने तैयार हो रही है और सरकारी ठेकों से इसको बेचा जा रहा है।
नकली अंग्रेजी शराब भी हो रही तैयार
जनपद में केवल नकली देशी शराब ही तैयार नहीं हो रही है, बल्कि अंग्रेजी शराब भी बनाई जा रही है। डेढ़ साल पहले तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी के नेतृत्व में इलाइट चौराहा के पास से नकली अंग्रेजी शराब बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया था। इस नकली शराब फैक्ट्री का संचालन एक अंग्रेजी शराब दुकान के ठेकेदार द्वारा किया जा रहा था। पिछले पंचायत चुनावों में भी कैलगुंवा रोड़ पर नकली शराब की फैक्ट्री का खुलासा किया गया था।
ब्रिकी के मुताबिक तैयार होती नकली शराब
जनपद में पिछले कई सालों से अंग्रेजी शराब बनाने का कारोबार जारी है। शराब माफिया केवल उन ब्रांड की नकली शराब तैयार करते हैं, जिनकी ब्रिकी जोर पकड़ती हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में शराब मंहगी होने पर अंग्रेजी शराब के ब्रांड में रॉयल स्टैग, मैक्डॉनल नंबर वन ब्रांड की नकली अंग्रेजी शराब बनाई गई। इस वर्ष शराब के दामों में कमी होने के कारण नए ब्रांड को चिह्नित कर नकली शराब बनाई जा रही है।