तालबेहट (ललितपुर)। मुहल्ला अंजनी नगर से 22 फरवरी को लापता हुए रितिक पटैरिया मामले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट आ गई है। रितिक की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। इस आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों केे खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
कोतवाली अंतर्गत ग्राम सुनौरी निवासी वासुदेव पटैरिया का तालबेहट के अंजनी नगर में मकान है। वहां उनका इकलौता पुत्र रितिक रहता था। वह केंद्रीय विद्यालय तालबेहट में कक्षा 11 का छात्र था। 22 फरवरी को वह रहस्यमयी परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। उसे परिजनों ने काफी खोजा, परन्तु वह नहीं मिला था। चार दिन बाद 26 फरवरी को उसका शव झरर घाट से एक किमी अंदर बेतवा नदी में वर्मा विहार के पास पानी में उतराता मिला था।
तीन चिकित्सकों के पैनल द्वारा किए पोस्टमार्टम में मौत का कोई कारण नहीं आया था। इसके बाद उसका विसरा आगरा भेजा गया था। वहां से भी विसरा में मौत का कोई कारण न आने पर पुलिस के सामने असमंजस की स्थिति बन गई थी। इसके बाद रितिक के परिजनों ने मौत का कारण जानने के लिए पुलिस के आला अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने रितिक की पूरी रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजी।
वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ से आई रिपोर्ट में रितिक की मौत दम घुटने से होना बतलाई गई है। इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। विवेचक विनोद सिंह ने बताया कि इस मामले में मृतक की रंजिश किन-किन लोगों से थी और कौन-कौन लोग इस घटना को अंजाम दे सकते है। बुधवार को इन सभी बातों पर कार्य किया गया।
मौत पर उठने लगे सवाल
सवाल यह है कि आखिर वह कौन है जिसने रितिक को गला दबा कर मार डाला और उसे घर से इतनी दूर नदी में फेंक दिया। किन कारणों से उसकी हत्या की गई है। इसकी जांच करना पुलिस के लिए चुनौती है।