29 सितंबर 2010 को रात डेढ़ बजे गिरार थानाध्यक्ष हाकिम सिंह गोप मय हमराही सिपाहियों के साथ जीप से ग्राम पीड़ार से कारीटोरन की ओर झांकर जाने वाले तिगैला के पास पहुंचे तो जीप की रोशनी में एक युवक अपने हाथ में कुछ सामान लिए आता दिखा, जिस पर उसकी घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया। तलाशी में उसके पास से सवा किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम चंद्रभान लोधी निवासी ग्राम कारीटोरन बताया। थानाध्यक्ष की तहरीर पर उक्त अभियुक्त के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश लोकेश राय ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश की दलीलों, गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर चंद्रभान लोधी को मादक पदार्थ रखने का दोषी पाते हुए एक वर्ष दो माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई, साथ ही पांच हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामले में पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तिलक सिंह यादव ने की।