ग्राम सेमरा बुजुर्ग निवासी बहादुर सिंह पुत्र माखन सिंह का कहना है कि गांव के एक व्यक्ति ने छह हजार रुपए प्रति माह की नौकरी तथा एक हजार रुपए का पेट्रोल भत्ता दिलाने का झांसा दिया था। एवज में औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर आठ हजार रुपए जमा कराने को कहा गया। बातों में आकर उसने अपने साथ तीनों भाई और रिश्तेदार के दो लड़कों की नौकरी लगवाने के लिए आठ हजार के हिसाब से 40 हजार रुपए उस व्यक्ति को दे दिए। इसके बाद पांचों लोगों के नाम कार्ड जारी कर दिए गए, इसमें 15 मार्च 2016 तक कार्य कराने की अनुमति दी गई थी। दो महीने काम कराने के बाद उन्हें वेतन नहीं दिया गया। धोखाधड़ी का अहसास होने पर रुपए वापस मांगे तो टालमटोल शुरू हो गई। भुक्तभोगी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर रुपए वापस दिलाए जाने की मांग की है।