ललितपुर। शुक्रवार की रात बमरौला गांव के पास हाईवे पर कंटेनर की टक्कर से ट्रैक्टर में सवार पांच किसानों की मौत हो गई और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर है। घायलों को उपचार के लिए ललितपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी रेफर कर दिया गया। किसान ललितपुर मंडी में अनाज बेचने के बाद ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर रात ग्यारह बजे अपने गांव के लिए रवाना हुए। बारह बजे जब वे बमरौला गांव के पास थे कि इसी दौरान पीछे से कंटेनर ने ट्रैक्टर ट्राली में टक्कर मार दी। जिन किसानों की मौत हुई है वे एक ही गांव के रहने वाले हैं।
नाराहट थाना क्षेत्र के सिंगरवारा गांव निवासी बीस किसान दो ट्रैक्टर ट्रालियों में अनाज लादकर शुक्रवार की सुबह ललितपुर मंडी बेचने आए थे। अनाज बेचने के बाद रुपये मिलने पर उन्होंने खाद खरीदा तथा रात ग्यारह बजे वापस गांव की ओर रवाना हुए। इसी दौरान रात बारह बजे हाईवे पर अचानक विरधा कस्बे से चार किलोमीटर पहले बमरौला गांव के पास दो में से एक ट्रैक्टर खराब हो गया। खराब हुए ट्रैक्टर में सवार लोग दूसरी वाली ट्रैक्टर ट्राली में आकर बैठ गए। ट्रैक्टर ट्राली बमुश्किल दस कदम आगे ही बढ़ी थी कि पीछे से आ रहे कंटेनर ने उसमें जोरदार टक्कर मार दी। इसकी चपेट में आकर सिंगरवारा गांव निवासी भगत सिंह (25 वर्ष), मुलू (35 वर्ष), खरगे (60 वर्ष), खंजू (30 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, तिलक (22 वर्ष) की अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में जगदीश (18 वर्ष), सुंदर सिंह, भगवत सिंह, गोपाल रजक , भगवान सिंहू, सालिकराम , सोन सिंह, भुजबल, मौसम, तिलक, देवेंद्र सिंह, धर्म सिंह और अकतू घायल हो गए हैं, ये सभी लोग सिंगरवारा गांव के ही निवासी हैं। घायलों को जिला अस्पताल लाए जाने पर जगदीश और सुंदर सिंह की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी रेफर कर दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि लगभग सौ मीटर तक ट्रैक्टर ट्राली घिसटती चली गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने घायलों को निजी एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
तड़पते घायलों को लूटते रहे सिपाही
इस मामले में पुलिस की संवेदनहीनता शर्मसार कर देने वाली रही। मौके पर मौजूद पुलिस के सिपाही घायल किसानों को अस्पताल पहुंचाने की जगह उनकी जेबों से पैसे निकालते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के मुताबिक हाईवे पर गश्त कर रही यूपी 100 पुलिस के कारण ही हादसा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि कंटेनर कोरोकने के लिए पुलिसकर्मियों ने जैसे ही ड्राइवर पर टार्च लगाई, इससे चालक संतुलन खो बैठा और गाड़ी पीछे से ट्रैक्टर में जा भिड़ी। इसके बाद लगभग बीस मिनट तक पुलिसकर्मी घटना स्थल पर ही रहे और किसानों की जेब से रुपये निकालते रहे, इसके बाद कंटेनर ड्राइवर को अपने साथ लिवाकर चले गए। चीख रहे लोगों की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस को फोन किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे ललितपुर कोतवाली प्रभारी ने निजी एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। चार किलोमीटर दूर मौजूद विरधा चौकी पुलिस भी कोतवाली पुलिस के बाद मौके पर पहुंच सकी। इस संबंध एसपी सलमान ताज पाटिल का कहना है कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है, जांच करवाकर दोषियों को दंडित किया जाएगा।
उपचार के लिए सुबह तक करते रहे इंतजार
घायलों ने बताया कि जिला अस्पताल में भी इलाज के लिए उन्हें सुबह होने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान न तो उन्हें पलंग नसीब हुए और न ही उनका इलाज किया गया। सुबह घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए, इसके बाद घायलों का इलाज शुरू किया गया। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता, क्षेत्राधिकारी हिमांशू गौरव और कोतवाली प्रभारी ने घटनास्थल पर पहुंचकर घटना की जांच की। इसके उपरांत जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से बात की और घटना की जानकारी ली। बिरधा चौकी पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में लेकर चालक गिरफ्तार कर लिया है।