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सीडीओ व जिपं सदस्य प्रतिनिधि भिड़े

Thu, 12 May 2016 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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fight, lalitpur news - फोटो : demo
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ललितपुर। सिंचाई बंधु की बैठक में उस समय हंगामा हो गया, जब मुख्य विकास अधिकारी और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि के बीच बहस हो गई। मामला बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर कोतवाली पुलिस ने जिला पंचायत पहुंच गई।
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बुधवार को जिला पंचायत सभागार में सिंचाई बंधु की बैठक चल रही थी, इसी दौरान बांसी जिला पंचायत सदस्य रचना दुबे के पति पूर्व जिला पंचायत सदस्य लीलाधर दुबे उर्फ कुल्लू दुबे ने पेयजल समस्या को उठाया। कुल्लू दुबे अपनी बात रख ही रहे थे कि अचानक सीडीओ प्रवीण लक्षकार ने उन्हें बैठ जाने के लिए कह दिया। इसी बात को लेकर तनातनी का माहौल बन गया।

कुल्लू दुबे ने सीडीओ को बैठक का अध्यक्ष नहीं होने का हवाला देकर बाहर जाने से इंकार कर दिया। इस पर सीडीओ ने खुद ही बाहर जाने का निर्णय लिया और अपर मुख्य अधिकारी के चैंबर में बैठ गए। इस दौरान सीडीओ को जानकारी हुई कि कुल्लू दुबे स्वयं जिला पंचायत सदस्य न होकर, बल्कि प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित है।
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सीडीओ ने बैठक में जाकर सदस्य प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर जाने का निर्देश दे डाला। सीडीओ के तेवर देखकर सभी महिला जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि बाहर निकल लिए। इसके बाद सिंचाई बंधु की बैठक संपन्न हुई।

बैठककर बनाई विरोध की रणनीति
सिंचाई बंधु की बैठक से महिला जिला पंचायत सदस्यों के प्रतिनिधियों के बाहर निकाले जाने के बाद उन्होंने अध्यक्ष कक्ष में बैठक कर अधिकारियों के विरोध की रणनीति तैयार की। काफी देर विचार विमर्श के बाद बैठक में अधिकारियों के खुद उपस्थित नहीं होकर अपने प्रतिनिधियों को भेजने का विरोध जताने पर सहमति बनी।

बुधवार को हुई बैठक में कई अधिकारियों ने अपने प्रतिनिधियों को भेजा था। इसी बात का विरोध करने के लिए लिखित पत्र बैठक में पहुंचाकर विरोध जताया गया।

प्रतिनिधियों का बोलबाला
इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण जिला पंचायत सदस्य के चुनावों में महिला प्रत्याशियों का बोलबाला रहा। कुल 21 जिला पंचायत सदस्यों की बोर्ड में 14 महिला सदस्य चुनकर आईं हैं, लेकिन महिला सशक्तिकरण का दावा करने वाले राजनीतिज्ञ महिलाओं को पीछे कर खुद ही हर मीटिंग में शामिल होने को आतुर नजर आते हैं।

जिला पंचायत बोर्ड की हर मीटिंग में महिला सदस्यों के बजाए उनके पति, भाई और देवर हिस्सा लेते नजर आते हैं। सीडीओ के कड़े रुख को देखते हुए अब महिला जिला पंचायत सदस्यों के प्रतिनिधि बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
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सिंचाई बंधु की बैठक में कोई भी आम आदमी हिस्सा ले सकता है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उन्हें बैठक से बाहर करने का निर्णय गलत है।
- लीलाधर दुबे कुल्लू
पूर्व जिला पंचायत सदस्य
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