ललितपुर। ग्राम महोली वन बीट में सहरिया आदिवासियों और वन कर्मियों के बीच हुई मारपीट की घटना के मामले में जिलाधिकारी ने वन विभाग के प्रभागीय निदेशक से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने लिखा है कि क्यों न इस मामले में शासन को भी आख्या भेज दी जाए।
थाना बालाबेहट के ग्राम महोली में बारह जून को सहरिया आदिवासियों और वन कर्मियों के बीच मारपीट हो गई थी, इसमें बताया गया कि वन विभाग के कर्मचारी काश्तकारों की जमीन के बीच में सीमांकन के लिए मेंड़ बना रहे थे। मौके पर दो जेसीबी मशीनों से काम चल रहा था तथा एक जेसीबी मशीन ग्राम रसोई की तरफ थी, जहां पुलिस नहीं थी। इसी दौरान सहरिया समुदाय की महिलाओं ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिए। इस घटना से विवाद बढ़ा और वन कर्मियों व सहरियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। इसमें वन विभाग के कर्मचारी और सहरिया समुदाय के लोग घायल हो गए थे।
इस मामले को जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने संज्ञान में लेते हुए सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक वी के जैन से स्पष्टीकरण मांगा है।
डीएम द्वारा जारी किए गए निर्देशों में कहा गया है कि प्रभागीय निदेशक द्वारा तय किया गया था कि जन चौपाल का आयोजन किया जाएगा, साथ ही वन अधिनियम के अंतर्गत आदिवासियों के हितों को सुरक्षित रखा जाएगा। लेकिन, उसी दिन कुछ घंटों बाद ही यह घटना हो गई। इससे सहरिया जाति के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। आखिर, ऐसी कौन सी स्थिति बन गई कि सहरिया जाति पर गोलियां चलाई गईं तथा गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। डीएम ने निर्देश दिए कि स्पष्टीकरण तत्काल प्रभाव से भेजें, साथ ही उन्होंने लिखा कि क्यों न शासन को भी प्रभागीय निदेशक के खिलाफ आख्या भेज दी जाए।
लकड़ी पर भी मांगा स्पष्टीकरण
ललितपुर। कबूतरा जाति के लोगों के यहां पचास- पचास ट्रक लकड़ी होने के मामले को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने तीन दिन में इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।