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दो हत्यारों को आजीवन कारावास

Wed, 16 Mar 2016 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराो ललितपुर
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हत्‍याारे काो सजा - फोटो : demo pic
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ललितपुर। ग्राम सुनौरी में साढ़े तीन वर्ष पूर्व बोलेरो में सवार घायलों को डंपर से कई बार कुचलकर और लोहे के लीवर से दो लोगों की हत्या की गई थी। जुर्म सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरकेश कुमार की अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया।
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तालबेहट कोतवाली अंतर्गत ग्राम पिपरई निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया था कि 23 मार्च 2012 को उसके पिता जयपाल अपने मकान पर निर्माण कार्य करा रहे थे। उसी समय ग्राम सुनौरी निवासी रामजी, सुरेश, गब्बर और ग्राम खैरो निवासी कृपाल आए और काम बंद करने को कहा। मना करने पर  उन्होंने पिता से गालीगलौज कर दी और सुरेश ने उसके पिता जयपाल और पास में खड़े नाथूराम पर फायर कर दिया, जिससे वह घायल हो गए। पास में खड़े अशोक को भी छर्रे लगे।

घटना की सूचना उनकी मां मेवादेवी ने कोतवाली तालबेहट में दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। बल्कि पुलिस ने हमला में घायल हुए पिता आदि के विरुद्ध ही गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। पिता व अन्य घायलों को ललितपुर से झांसी रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद पिता अपने साथियों के साथ बोलेरो से वापस आ रहे थे कि ग्राम सुनौरी निवासी रामजी, ग्राम थानागांव निवासी दयाराम व ग्राम खेरा निवासी मानसिंह ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत डंपर, जिसे सुरेश चला रहा था, से उनकी बोलेरो में टक्कर मार दी। सुरेश ने डंपर को कई बार बोलेरो में टक्कर मारी थी। इसके बाद भी मन नहीं माना तो ग्राम बसई निवासी गब्बर, ग्राम खदरी निवासी करन, ग्राम सुनौरी निवासी ताहर ने बोलेरो में सवार सभी लोगों पर लोहे के लीवर से हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उक्त हमलावरों को ललकारा तो सभी भाग गए। घटना में उनके पिता की मौत हो गई, जबकि ग्राम पिपरई निवासी गोविंद सिंह, नाथूराम, अशोक, मानवेंद्र सिंह, जानसिंह व जाहर सिंह आदि मरणासन्न थे। छक्कीलाल ने इसकी सूचना तालबेहट पुलिस को दी एवं सभी घायलों को तालबेहट अस्पताल ले जाया गया। यहां से गोविंद सिंह को झांसी रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।
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पुलिस ने मृतक जयपाल के पुत्र जितेंद्र सिंह की तहरीर पर अभियुक्त ग्राम सुनौरी निवासी सुरेश, ताहर, रामजी, करन और मध्य प्रदेश के बसई निवासी गब्बर, ग्राम खेराडांग निवासी मानसिंह एवं ग्राम थानागांव निवासी दयाराम के खिलाफ एक राय होकर जानलेवा हमला करने, हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, मारने पर आमादा जैसी गंभीर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। उक्त मामले में ताहर नाबालिग होने पर उसका मामला किशोर न्याय बोर्ड भेजा गया, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है।  वहीं, बाकी छह अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे।

मंगलवार को इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) हरकेश कुमार ने निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त सुरेश व करन को जयपाल एवं गोविंद सिंह की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अन्य को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। यही नहीं, अलग-अलग मामलों में कुल 30-30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने अर्थदंड से प्राप्त धनराशि को मृतकों के उत्तराधिकारियों को संयुक्त रूप से दिलाने के आदेश भी दिए। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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