महरौनी क्षेत्र में एक लाख रुपए के जाली नोट के साथ पकड़ी गईं महिलाओं के मामले की जांच कर रहे क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर जोगेंदर सिंह ने जिला मालदा पश्चिम बंगाल के थाना रतुआ के धनीकुंज बिहारी निवासी मोहम्मद मंसूर उर्फ रामजीवन के खिलाफ अदालत के आदेशों की अवहेलना के आरोप में मुकदमा पंजीकृत करा दिया है। इसके पहले तत्कालीन इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह परिहार ने अदालत के आदेश पर धारा 82 के तहत कार्रवाई की थी, जिसमें अदालत ने मोहम्मद मंसूर को अदालत में आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम दिया था।
मालूम हो कि 11 सितंबर 2014 को महरौनी क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं से पांच - पांच सौ के एक लाख रुपए के जाली नोट बरामद किए गए थे। महिलाओं ने अपने बयानों में पुलिस को बताया था कि वह दिल्ली में मजदूरी करने गई थी, जहां रामजीवन नामक ठेकेदार ने उन्हें यह नोट जिले में खपाने के लिए दिए थे। क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर ने जांच के दौरान रामजीवन बनकर जाली नोट खपाने वाले मंसूर नामक शख्स का पता लगाकर पश्चिम बंगाल में दबिश दी थी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला था।