ललितपुर। विकास भवन में शिकायत/ समाधान केंद्र का जिलाधिकारी ने फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब शिकायत करना आसान हो गया है। कोई भी व्यक्ति मोबाइल से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
बुंदेलखंड के पिछड़े जनपद को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनेक विकास परक योजनाओं के साथ कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन योजनाओं में अपात्र व्यक्तियों की घुसपैठ हो जाती है, जिससे कई पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इससे परेशान होकर व्यक्ति कार्यालयों के चक्कर काटने लगते हैं। इसके बाद भी उन्हें न्याय मिल पाता है। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने इससे राहत दिलाने के मकसद से विकास भवन में शिकायत/ समाधान केंद्र स्थापित कराया है। बुधवार को जिलाधिकारी ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि समाधान केंद्र के स्थापित होने से शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़ेगा। शिकायतकर्ता को जनपद मुख्यालय आने की जरूरत नहीं है। वह मोबाइल फोन के जरिए अपनी शिकायत समाधान केंद्र में दर्ज करा सकते हैं। इसका नंबर 05176272022, 09455653566 है। इस नंबर पर शिकायत दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दी जाएगी।
इस मौके पर डीडीओ देवेंद्र प्रताप, परियोजना निदेशक डीआडीए सुरेश चंद्र मिश्र, जिला सूचना अधिकारी चंद्रचूड़ दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
मोबाइल पर ली जाएगी लोकेशन
समाधान केंद्र से राजस्व विभाग, पंचायत राज विभाग, चिकित्सा विभाग, जिला कार्यक्रम विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की लोकेशन भी ली जाएगी। इस केंद्र पर इन विभागों के कर्मचारियों के मोबाइल नंबर ले लिए गए हैं। इन नंबरों को कंप्यूटर में अपलोड कर दिया गया है। इससे लापरवाह कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ना तय माना जा रहा है।
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वाट्सऐप का भी होगा इस्तेमाल
शिकायतकर्ता अपनी शिकायत को पुष्ट करने के लिए वाट्सऐप का भी प्रयोग कर सकते हैैं। समाधान केंद्र वाट्सऐप पर फोटो लेने की योजना बना रहा है, जिससे आने वाले दिनों में लोगों को कार्यालयों में अफसरों के बैठने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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अनूठी पहल की हो रही सराहना
लोगों की शिकायतों को सुनने के लिए तहसील दिवस, थाना दिवस, किसान दिवस जैसे आयोजन किए जाते हैं। इसके बाद भी शिकायतें कम नहीं हो पा रहीं हैं। समाधान केंद्र की स्थापना से एक और उम्मीद की किरण जाग गई है। लोगों का कहना है कि यह व्यवस्था कारगर ढंग से चली तो निश्चित ही आम जन मानस में लोकप्रिय हो जाएगी।