जन-धन योजना के तहत खोले गए खाते धारकों को एटीएम कार्ड नहीं मिले हैं, लेकिन उनके एटीएम कार्ड के द्वारा रुपये निकालने के मामले लगातार संज्ञान में आ रहे हैं। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां पीड़ित ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर संबंधित बैंक मैनेजर पर जालसाजी करते हुए उसके एटीएम का उपयोग करके खाते से रुपये निकाल लेने का आरोप लगाया है और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला नेहरू नगर में रहने वाले दिव्यांग पुनीत पुत्र रामराजा यादव के साथ घटित हुई है। पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसने नेहरू नगर में देवगढ़ मार्ग पर संचालित एसबीआई के ग्राहक सेवा केंद्र से पूर्व में जन-धन योजना के तहत खाता खुलवाया था। उसके खाते में आने वाली पेंशन की धनराशि विगत कुछ महीनों से लगातार एटीएम कार्ड के माध्यम से निकाली जा रही है, जबकि उसको एटीएम कार्ड अब तक प्राप्त ही नहीं हुआ है। खाते से रुपये निकलने की जानकारी उसको विगत रोज हुई जब उसने अपनी पासबुक में डाटा एंट्री कराई। जब खाते में रुपये नहीं मिले तो उसने बैंक से अपने खाते का मनी स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें पुष्टी हुई कि पेंशन की उक्त धनराशि हर माह एटीएम कार्ड के जरिए निकाली गई है। पीड़ित ने बैंक मेनेजर पर जालसाजी का आरोप लगते हुए बैंक से रुपये निकलने का आरोप लगाया है। पुलिस को कार्रवाई की मांग करते हुए एटीएम की फुटेज व अन्य सख्ती से जांच कराने की मांग की है।
हो सकता है बड़ा भंडाफोड़
अगर पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्ती से जांच करें तो इस मामले में एक बड़ा खुलासा हो सकता है। क्योंकि यह ऐसा पहला मामला नहीं इससे पहले भी जनपद में ऐसे कई घटनाएं हो चुकी हैं। खाते धारक के पास उसका एटीएम कार्ड नहीं पहुंचा है और उसके खाते से एटीएम कार्ड से रुपये निकाल लिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित जन-धन योजना के तहत जनपद में संचालित भारतीय स्टेट बैंक के विभिन्न ग्राहक सेवा केंद्रों पर हजारों की संख्या में लोगों के बैंक खाते खले गए हैं। इनमें से अधिकतर लोग ऐसे हैं, जिनको अभी तक उनका एटीएम कार्ड प्राप्त नहीं हुआ है, जबकि बैंक से उनका एटीएम कार्ड जारी किया जा चुका है। हालांकि एटीएम कार्ड उपभोक्ता तक पहुंचाने के लिए डाक सेवा का उपयोग किया जाता है, लेकिन उपभोक्ताओं के पते पर अब तक एटीएम कार्ड नहीं पहुंचे हैं। जनपद में समस-समय पर ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं कि उपभोक्ता के पास एटीएम कार्ड नहीं पहुंचा, लेकिन उनके खाते से एटीएम कार्ड के ही माध्यम से रुपये निकल गए हैं। यह एक बड़ा सवाल है कि आखिर उपभोक्ताओं के नाम पर जारी एटीएम कार्ड कहां गए, या फिर उनका उपयोग कौन कर रहा है। इसमें कहीं न कहीं बैंक अधिकारियों व ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों की मिली भगत भी हो सकती है। पुलिस अगर इस मामले में गहराई से व गंभीरता से जांच करें तो सारी हकीकत सामने आ जाएगी और गरीबों के साथ घटित हो रही ऐसी धोखाधड़ी की घटनाओं पर अंकुश भी लग सकेगा। जन-धन योजना के तहत केवल गरीबों के ही खाते खोले गए हैं।
शिकायत मिलने पर लिया जाएगा संज्ञान
इस तरह की शिकायत मेरी पास आती है तो मामले में जरुर संज्ञान लिया जाएगा। मामला गरीब जनता के साथ आर्थिक धोखाधड़ी का है, तो काफी गंभीर है।
- एके मित्तल
एलडीएम, ललितपुर।