ललितपुर। थाना जखौरा के ग्राम ननौरा में दो वर्ष पूर्व दहेज की खातिर बहू को मिट्टी का तेल डाल आग लगार हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने सास, ससुर और पति को दोषी करार दिया है। न्यायालय द्वारा शनिवार को सजा सुनाई जाएगी।
थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम रायपुर निवासी कुंदन लाल ने दो वर्ष पूर्व 19 मार्च 2014 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी पुत्री संतोषी की शादी ग्राम ननौरा निवासी सुरेंद्र पुत्र चुन्नीलाल से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराली जनों ने उसकी पुत्री को एक पिकअप वाहन और एक लाख रुपये की मांग को लेकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उसने अपनी पुत्री को पांच से छह माह तक अपने घर में ही रखा।
बाद में उसकी पुत्री का देवर परेशान नहीं करने का वादा कर उसे ले गया था। 17 मार्च 2014 को दोपहर दो बजे उसके पास पुत्री संतोषी ने फोन करके कहा कि उसके ससुर चुन्नीलाल, सास दुर्गा बाई, पति सुरेंद्र एवं देवर सुनील ने धमकी दी है कि मांग पूरी नहीं को तो उसे जला कर मार देंगे। वह ग्राम रायपुर से ननौरा जाने के लिए जखौरा बस स्टैंड पहुंचा ही था कि उसकी पुत्री के ससुराली पक्ष से फोन आया कि तुम्हारी लड़की ने आग लगा ली है।
जब वह जखौरा अस्पताल पहुंचा, वह उसकी पुत्री को लेकर अस्पताल लेकर आए, तो उसने अपनी पुत्री से घटनाक्रम के बारे में पूछा। पुत्री संतोषी ने बताया कि देवर सुनील ने रस्सी से बांधा और पति, सास व ससुर ने मिट्टी का तेल डाला और मुंह में कपड़ा ठूूूंसकर आग लगा दी। जखौरा से संतोषी को गंभीर हालत में जिला अस्पताल और फिर यहां से झांसी रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी।
जखौरा थाना पुलिस ने आरोपी ससुर चुन्नीलाल साहू, सास दुर्गाबाई व पति सुरेंद्र साहू के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए, जबकि देवर सुनील को विवेचना में अलग कर दिया गया। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय ने आरोपी सास, ससुर व पति को दोषी पाया तथा शनिवार को सजा का दिन तय किया। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
मां-बेटी ने किया हंगामा
ललितपुर। दहेज की खातिर बहू को मिट्टी का तेल डालकर निर्मम हत्या करने के मामले में सास दुर्गाबाई, ससुर चुन्नीलाल साहू और पति सुरेंद्र साहू को न्यायालय द्वारा दोषी करार दिया गया। यह खबर सुनते ही न्यायालय परिसर में उपस्थित दुर्गा बाई और उसकी पुत्री फूट-फूटकर रोने लगीं और हंगामा करते हुए विरोधियों को खूब कोसा, जिससे वहां भीड़ एकत्रित हो गई। हालांकि, कुछ देर बाद तीनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।