ललितपुर। झोलाछाप चिकित्सक के इलाज के कारण हुई मासूम की मौत के बाद चिकित्सा विभाग जाग गया है। आरोपी चिकित्सक पर मुकदमा दर्ज कराने के बाद अब चिकित्सा विभाग ने नगर में संचालित अन्य संदिग्ध चिकित्सकों की जांच शुरू कर दी है।
शनिवार की दोपहर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. राजेश भारती के नेतृत्व में जांच की गई। गेंदालाल पेट्रोल पंप के पीछे नझाई बाजार स्थित डा. पल्लवी सरकार के क्लीनिक के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि डा. पल्लवी सरकार बीएएमएस डिग्री धारक हैं। दस्तावेजों को खंगालने से पता चला कि तीन साल से इन्होंने सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में बिना पंजीकरण कराए क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। साथ ही वह आयुर्वेदिक डिग्री धारक हैं, लेकिन मरीजों का इलाज एलोपैथिक पद्धति द्वारा किया जा रहा है। चिकित्सीय सेवा प्रदान करने हेतु इनके दस्तावेजों को अवलोकन किया गया, जिसमें पाया गया कि इनके द्वारा पंजीकरण मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में वर्ष 2012-13 में कराया गया था। इसको लेकर उन्हें चेतावनी पत्र जारी किया गया। इसके अलावा मूल चिकित्सा पद्धति में चिकित्सीय कार्य करने को निर्देश दिए गए। इसके बाद टीम ने मुहल्ला गोविंद नगर स्थित सैमाल कुमार मजूमदार के क्लीनिक पर जांच की। लेकिन, चिकित्सक क्लीनिक पर मौजूद नहीं मिले। क्लीनिक के अंदर मौसम एवं गणेश उपस्थित मिले, उन्होंने बताया कि चिकित्सक 10 मिनट पूर्व बाजार गए हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि चिकित्सक द्वारा कई वर्षो से गोविंद नगर में चिकित्सीय कार्य किया जा रहा है। क्लीनिक के अंदर निरीक्षण करने पर बड़ी संख्या में एलोपैथिक दवाओं का संग्रह पाया गया है।
लगभग एक घंटे तक टीम क्लीनिक पर मौजूद रही, लेकिन चिकित्सक नहीं आए और न ही उन्होंने फोन उठाया। सैमाल कुमार मजूमदार के पते पर पत्र जारी कर दिया है, जिसमें दो दिवस के अंदर कार्यालय में चिकित्सीय कार्य से संबंधित संपूर्ण दस्तावेज सहित उपस्थित होने को कहा गया है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर क्लीनिकों की जांच की गई, लेकिन सभी क्लीनिक बंद पाए गए। उन्होंने बताया कि झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। इस दौरान नरोत्तमदास गुप्ता, हरीश कुमार तिवारी, सीताराम निरंजन मौजूद रहे।