फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केंद्रों पर कमियां पर मिलने पर डीआईओएस से स्पष्टीकरण तलब

विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्रों पर कमियां पर मिलने पर डीआईओएस से स्पष्टीकरण तलब
विज्ञापन

ललितपुर। यूपी बोर्ड हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए बनाए गए विभिन्न केंद्रों पर कमियां उजागर हुईं हैं। अफसरों के निरीक्षण में किसी केंद्र पर फर्श नहीं पाया गया तो खितवॉस परीक्षा केन्द्र में सीसीटीवी कैमरा बंद पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया है। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश प्रयागराज द्वारा आयोजित वर्ष 2019 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षा के लिए केंद्रों का चयन बहुत पहले ही कर लिया गया था। इस दौरान विभिन्न दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। इसके बाद भी कई केंद्रों की कमियों को विभागीय अफसरों ने नजरअंदाज कर दिया, जिससे ऐसे विद्यालय परीक्षा के केंद्र बना दिए गए। अब जब परीक्षा आयोजित की जा रही है तो अफसरों के निरीक्षण में कई कमियां सामने आ रही हैं। इनमें सरदार पटेल अंबेडकर बालिका इंटर कालेज खितवांस, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज महरौनी, दीवान प्रताप सिंह इंटर कालेज सैदपुर, शांति निकेतन इंटर कालेज महरौनी व सीबी गुप्ता इंटर कालेज महरौनी शामिल हैं। 14 फरवरी को दीवान प्रताप सिंह इंटर कालेज सैदपुर परीक्षा केन्द्र की स्थिति अत्यन्त निराशाजनक पाई गई। यहां के कक्षों में न तो दीवारों पर प्लास्टर और न ही जमीन पर फर्श पाया गया। 12 फरवरी को परीक्षा केन्द्र पर कुल 62 विद्यार्थी नीचे जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हुए पाए गए थे और आगामी परीक्षाओं में भी केन्द्र पर बच्चों के बैठने के लिये समुचित व्यवस्था अभी तक नहीं की गयी है जबकि 06 फरवरी को ही केन्द्र व्यवस्थापक द्वारा जिला विद्यालय निरीक्षक को अवगत कराया गया था। 14 फरवरी को सरदार पटेल अम्बेडकर बालिका इंटर कालेज खितवॉस परीक्षा केन्द्र में स्थापित सीसीटीवी कैमरा बन्द पाये गये थे। यही नहीं, विद्युत व्यवस्था भी नहीं पायी गयी एवं वाइस रिकार्डर भी बन्द पाये गये। 14 फरवरी को सीबी गुप्ता इण्टर कालेज महरौनी परीक्षा केन्द्र में परीक्षा के समय 19 कमरों में से 08 कमरों में कुल 253 विद्यार्थी नीचे जमीन पर बैठकर परीक्षा देते हुये पाये गये। जबकि 06 फरवरी को ही केन्द्र व्यवस्थापक द्वारा अवगत कराया गया था। 12 फरवरी को उप जिलाधिकारी महरौनी द्वारा दूरभाष पर डीआईओएस को अवगत कराने के बाबजूद कोई व्यवस्था नहीं की गयी है। बता दें कि परिषदीय बोर्ड परीक्षा 19 के आयोजन के पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में आयोजित बीडियो कान्फ्रेसिंग 02 फरवरी एवं 06 फरवरी को जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केन्द्र व्यवस्थापकों की आयोजित बैठकों में विद्यालयों में फनीचर्स, विद्युत, शुद्ध पेय जल, सीसीटीवी, वाइस रिकार्डर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के कड़े निर्देश दिये गये थे। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा परीक्षा केन्द्रों का कोई निरीक्षण नहीं किया गया और न ही अपने दायित्वों का निर्वहन किया गया है। जिस पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक से स्पष्टीकरण कर लिया है। उन्होंने दो दिवस के अन्दर जवाब उपलब्घ कराने के निर्देश दिए हैं, साथ ही सन्तोषजनक स्पष्टीकरण निर्धारित अवधि के अन्दर प्राप्त न होने पर उनके विरूद्ध कार्रवाई के लिए शासन को आख्या प्रेषित कर दी जायेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

........
परीक्षा में गैर हाजिर चल रहे अफसर
सहायक अभियंता सिंचाई खंड माताटीला को सरस्वती उच्चतर माध्यमिक व़िद्यालय नाराहट में स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। लेकिन, वह परीक्षा केन्द्र पर अनुपस्थित चल रहे हैं। इस पर डीएम ने आदेशों की अवहेलना करने पर स्पष्टीकरण तलब किया है। बाल विकास परियोजना अधिकारी मड़ावरा पीडी विश्वकर्मा को स्टेटिक मजिस्ट्रेट सरस्वती मंदिर इण्टर कॉलेज मडावरा में तैनात किया गया है। वह भी परीक्षा केन्द्र पर अनुपस्थित चल रहे हैं। सहायक वाणिज्य कर अधिकारी प्रवीण श्रोतीय को स्टेटिक मजिस्ट्रेट जिला परिषद छत्रसाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाराहट में तैनात किया गया है। वह उक्त परीक्षा केन्द्र पर अनुपस्थित चल रहे हैं। दीवान प्रताप सिंह इण्टर कालेज सैदपुर में एक बरामदे में कैमरा भी नहीं पाया गया। जिस पर सहायक अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें