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क्राइम: कुए में मिला पत्थर से बंधा नावालिग किशोरी का शव

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कुएं में मिला पत्थर से बंधा किशोरी का शव
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ललितपुर। बालाबेहट थानांतर्गत बम्हौरी गांव स्थित कुएं में किशोरी का पत्थर से बंधा शव मिलने पर सनसनी फैल गई। किशोरी छह नवंबर की शाम पांच बजे से लापता थी। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने क्षेत्राधिकारी और बार ब्लाक प्रमुख पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। साथ ही बताया कि आरोपियों को जब किशोरी को ले जाने का उलाहना दिया तो आरोपियों ने उनके खिलाफ ही गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करवा दी, जबकि उनकी रिपोर्ट तीन दिन बाद अज्ञात के खिलाफ दर्ज की। एसपी ने सीओ पर लगे आरोपों की जांच के लिए अपर पुलिस अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी है।
बम्हौरी वंशा गांव निवासी राजवती (16) पुत्री हरदयाल कुशवाहा छह नवंबर को घर पर थी। शाम को जब परिजन खेत से वापस लौटे तो राजवति घर पर नहीं मिली। शक के आधार पर गांव के कुछ लोगों से पूछताछ की तो विवाद हो गया। इस पर पुलिस ने विपक्षियों की तहरीर पर पीड़ित परिवार व सहयोगियों समेत दस लोगों पर ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की। इस दौरान पीड़ितों ने रिश्तेदारी में खोजबीन की, लेकिन जानकारी नहीं मिल सकी। बुधवार की सुबह किशोरी के पिता हरदयाल पानी भरने के लिए पास ही कुएं पर गया हुआ था। कुएं में राजवती का शव उतराता देख ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस ने शव को बाहर निकाला तो कि राजवती के सीने पर रस्सी के सहारे करीब दस किलोग्राम वजन का पत्थर बांधा गया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक डा. ओपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अवधेश कुमार विजेता मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक ने परिजनों से बातचीत करते हुए प्रकरण की जानकारी ली और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका चार बहनों में तीसरे नंबर की थी और उसका एक भाई है।
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क्षेत्राधिकारी पर जांच प्रभावित करने के आरोप
मृतका के चचेरे भाई मूलचंद्र पुत्र गोविंदे ने बताया कि गांव के ही कुछ आरोपियों ने राजवति का घर से अपहरण कर लिया। इस दौरान किशोरी के परिजन खेत पर गए हुए थे। शाम को परिजन जब घर वापस लौटे तो राजवती गायब थी। इस पर परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी और शक के आधार पर उक्त आरोपियों से पूछताछ की। इस पर आरोपियों ने मारपीट कर दी और पुलिस से शिकायत कर दी। पुलिस ने राजवती के पक्ष के ही 10 परिजनों और सहयोगियों पर एससी एसटी एक्ट, रंगदारी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके साथ ही परिजनों ने आठ नवंबर को पुलिस से किशोरी का अपहरण करने की शिकायत की तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि परिजनों ने पर ही उक्त मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके साथ ही आठ नवंबर को ही राजवती के पिता को पुलिस ने हिरासत में लेकर नौ नवंबर को शांति भंग की कार्रवाई कर दी और आठ नवंबर को किशोरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद 11 नवंबर को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण की धाराओं में तरमीम कर दिया। परिजनों ने नाराहट सीओ पर किशोरी के परिजनों को प्रताड़ित करने का और विपक्षियों को शह देने का आरोप लगाया है। बताया कि बालाबेहट पुलिस भी सीओ के आदेश पर पीड़ित परिवार को परेशान कर रही थी। परिजनों ने बताया कि पुलिस में सुनवाई न होने पर पीड़ित पिता ने मंगलवार को ही न्यायालय में शिकायतीपत्र दिया था।

सीओ और ब्लाक प्रमुख को बताया रिश्तेदार
परिजनों ने बार ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि जेपी रजक और सीओ नाराहट को आरोपियों को रिश्तेदार बताया है। साथ ही बताया कि इसी कारण पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने के स्थान पर उल्टे पीड़ित पक्ष को प्रताड़ित करने में जुटी हुई थी।

आरोपी पक्ष के लड़के से प्रेम करती थी किशोरी
किशोरी के चचेरे भाई ने बताया कि मृतका राजवती का आरोपी पक्ष के एक युवक से प्रेम प्रसंग चलता था। एक महीने पहले इसकी जानकारी होने पर किशोरी के परिजनों ने उसपर निगरानी शुरू कर दी और राजवति का घर से निकलना बंद कर दिया। परिजनों के अनुसार इससे परेशान होकर युवक ने गालीगलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी देने लगे। इसी के बाद आरोपी युवक ने अपने परिजनों के साथ मिलकर राजवति का अपहरण कर लिया और हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया।
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प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों की तहरीर पर पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। सीओ नाराहट पर लगाए गए आरोपों के संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक को जांच सौंप दी गई है। पीड़ित परिवार पर कार्रवाई दो पक्षों में हुए विवाद के बाद की गई थी। मामला झूठा होगा तो खत्म करवा दिया जाएगा।
डा. ओपी सिंह, पुलिस अधीक्षक
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इस विवाद से मेरा कोई सरोकार नहीं है। वंशा बम्हौरी गांव में मेरी ससुराल है और उस दिन मारपीट होने के बाद मैं मिलने गया था। पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करने और लड़की के गायब होने में मेरी सहभागिता नहीं है। परिजनों के आरोप झूठे और निराधार हैं।
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जेपी रजक, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि, बार

परिजनों ने किशोरी के गायब होने की कोई सूचना नहीं दी। इसके बाद दो पक्षों में विवाद होने पर कार्रवाई की गई तब पीड़ित परिवार ने गुमशुदगी की सूचना दी। सूचना के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई और कार्रवाई की गई। पीड़ित पक्ष के ऊपर दर्ज मुकदमा तहरीर के आधार पर लिखा गया है।
वीर सिंह, थानाध्यक्ष, बालाबेहट
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