आसमान से बरसी आफत, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
ललितपुर। बुधवार की सुबह जखौरा विकासखंड के अन्नदाताओं के लिए आफत लेकर आई। सुबह सात बजे पानी के साथ ओलावृष्टि प्रारंभ हो गई। देखते ही देखते जमीन पर सफेद परत बिछ गई। इस दौरान एक भैंस व तीन भैंसे की मौत हो गई। वहीं, किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। कई गांवों के किसानों ने एकत्रित होकर घंटाघर पर जाम लगा दिया। सीओ के समझाने पर किसानों ने जाम हटाया।
मंगलवार की शाम सात बजे अचानक मौसम बिगड़ गया। हवा के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई जो झमाझम बारिश में तब्दील हो गई। हालांकि, रात्रि में बारिश थम गई लेकिन बुधवार को सुबह छह से सात बजे के मध्य बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। ग्राम बसवां, करारी, पंचोरा, इकलगुवां, सांकरवार, तिलहरी, किसलवास, गुरसौरा, नौहरकलां, नौहरखुर्द, मैनवारा, ननौरा, सीरोनकलां, सीरोनखुर्द, रसोई, बानौली, मनगुवां, थनवारा, रानीपुरा, राजघाट, बरौदा सहित कई गांवों में ओलावृष्टि हुई है। इसमें ग्राम करारी, पंचौरा, बसवां में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां एक भैंस व तीन पड़ा मर गए। 15-20 मिनट की ओलावृष्टि में कच्चे मकानों की खपरैल क्षतिग्रस्त हो गई। जब ओलावृष्टि थमी तो लोग घरों से बाहर निकलकर सीधे खेतों पर पहुंचे। जहां फसल बर्बाद होते देख कई किसानों की आंखों में आंसू आ गए।
किसानों में उस समय आक्रोश फैल गया, जब मौके पर कोई आंसू पोंछने नहीं पहुंचा। उन्होंने एकत्रित होकर ट्रैक्टर ट्राली में बैठे और सीधे घंटाघर पहुंच गए। यहां उन्होंने सड़क जाम कर दी। इस दौरान कोई भी प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस पर सीओ सदर राजा सिंह ने मोर्चा संभालते हुए किसानों को समझाया। उन्हें बताया कि तहसीलदार सदर राजेंद्र बहादुर मौके पर पहुंचे हैं, जहां नुकसान का आकिया जा रहा है। यह बात सुनकर किसान अपने गांव वापस लौट गए।
ग्राम पंचौरा निवासी रामस्वरूप का कहना है कि हार्वेस्टर पर रोक लगा देने से फसल काटने में दिक्कत आई। ग्राम शोभाराम का कहना है कि सुबह छह बजे करीब ढाई सौ ग्राम के ओले बरसे हैं। तीन एकड़ में गेहूं की कटी फसल रखी थी। इसी गांव के लाखन सिंह का कहना है कि चार एकड़ में फसल खड़ी थी, जिसे काट भी नहीं पाए। फूल सिंह कहना है कि चार-पांच एकड़ में फसल खत्म हो गई। वीर सिंह का कहना है कि चार एकड़ में कुछ भी नहीं बचा है। ग्राम वसवां निवासी भीकम सिंह का कहना है कि 10 एकड़ में फसल काटी गई थी, लेकिन थ्रेसर नहीं मिल पाया। ग्राम पंचौरा के दिमान सिंह का कहना है कि सात एकड़ में फसल कटी रखी थी। इसी तरह ग्राम पंचौरा के जीवन सिंह, जस्सू, भगवान सिंह, बसवां के संतोष, भूरा, लालाराम, जाहर सिंह, करारी के रामपाल ने भी फसल खराब होने की बात कही है। उधर, तहसीलदार के निर्देश पर लेखपालों ने नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है।
चार माह की मेहनत एक की बार में तबाह
बार। कस्बा बार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम के बदलाव से किसानों में हाहाकार मच गया। क्षेत्र में तेज आंधी एवं बारिश से किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा, क्योंकि इस समय किसान गेहूं की कटाई एवं मड़ाई का कार्य कर रहा है। पानी और आंधी में किसान की चार माह की मेहनत एक ही दिन में मौसम की भेंट चढ़ गई। जिन किसानों की फसलें खेतों में पड़ी थीं वह तेज आंधी में उड़ गई एवं मड़ाई किया हुआ गेहूं किसानों के खलिहानों में भीग गया, किसान मौसम की बेरुखी से दुखी है। ग्राम धमना, बार, पुलवारा, लड़वारी, परौंन, बरोदा धाम, सेमरा डांग, मथुरा डांग, टोडी, बस्त्रावन, ठठखेड़ा आदि गांव के अलावा ब्लॉक क्षेत्र के अधिकतर गांव में किसानों का काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाया जाए या बीमा क्लेम दिलवाया जाए।
डीएम को सौंपे ज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह यादव की अगुवाई में किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। इसमें कहा गया कि ग्राम कराई, पंचौरा, बस्तगुवां, कंचनपुरा, ननौरा, तिलहरी, गुरसौ, जखौरा, रायपुर, बुदेड़ी, सिरसी, बसवां में बारिश के साथ ओला गिरने से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसान भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। ज्ञापन पर यादवेंद्र यादव, मनोहर, अरविंद, तिलक, इंद्रपाल यादव, रामलखन, जशोदा, मुन्ना, दिनेश पांडेय, नंदराम, पुष्पेंद्र, श्याम आदि के हस्ताक्षर बने हैं। उधर, विभिन्न गांवों के पीड़ित किसानों ने भी डीएम को ज्ञापन देकर राहत राशि दिलाने की मांग की है। ज्ञापन पर रामजीवन पंचौरा, बलराम, इंद्रपाल सिंह बुंदेला, तिलक सिंह, रामरतन, दर्शन सिंह, लखन सिंह, राजू, रहीश, फूल सिंह, बाबूलाल, अजब सिंह, भबू सिंह, बंटी, कल्यान, आशाराम, कल्यान, मलखान सिंह के हस्ताक्षर बने हैं।
ओलावृष्टि से तीन गांवों में नुकसान हुआ है। ग्राम करारी व पंचौरा में एक भैंस व तीन पड़ा की मौत हुई है। लेखपाल मौके पर नुकसान का सर्वे कर रहे हैं।
- राजेंद्र बहादुर सिंह, सदर, तहसीलदार
आम व महुआ को नुकसान
मदनपुर। बुधवार की शाम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है। गेहूं, आम, अचार और महुआ को बहुत नुकसान पहुंचा है। मड़ावरा ब्लॉक के ग्राम गोरा कलां, मदनपुर, जलंधर, धौरीसागर, पिसनारी, सीरोन, बहादुरपुर, कवराटा समेत आसपास के क्षेत्र में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे क्षेत्र के किसानों को खासा नुकसान पहुंचा है। खेतों में घुटनों तक पानी भर गया। जोरदार ओलावृष्टि से मौसमी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। जहां किसानों की फसलें पक जाने और कटाई के बाद महज मड़ाई करने लिये तैयार रखीं थी, वह सब बेकार हो गई। ऊपर से तेज गर्जना के साथ हुई ओलावृष्टि से आम, अचार, महुआ की फसलें बर्बाद हो गईं। उधर, ग्राम सौंरई में मौसम के बिगड़े मिजाज ने कई किसानों के चेहरों की रंगत छीन ली। ओले गिरने से जंगल में महुए के फूल झड़ गए।
रबी की फसलों के अलावा महुआ की फसल पर अधिकांश लोग निर्भर होकर रहते हैं। लेकिन, मौसम के बदलते मिजाज ने क्षेत्रवासियों की बेचैनी बढ़ा दी है। अचानक पानी बरसने से महुआ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। जिस कारण हम लोगों को भारी मात्रा में नुकसान झेलना पड़ेगा।
- मुल्ले सहरिया
बेमौसम बरसात से खेतों में पक चुकी गेहूं की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ा है। साथ में जो कटाई कर ली गई थी वह भी बरबाद होने की स्थिति में है।
- राजेंद्र राय, किसान