जंगल में आग से सैकड़ों पेड़ झुलसे
खेत के ठूंठ जलाने के दौरान उड़ी चिंगारी से हुई घटना
अमर उजाला ब्यूरो
कुसमाड़ (ललितपुर)। महरौनी वन रेंज अंतर्गत ग्राम कुसमाड़ के भोडी तिगड्डा के पास जंगल में अचानक आग लग जाने से प्लांटेशन के पौधों समेत सैकड़ों की संख्या में पेड़ झुलस गए। इसकी सूचना पर वन कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया। उधर, अधिकारियों का कहना है कि आसपास के खेतों में ठूठों में लगी आग की चिंगारी जंगल में पहुंच गई थी, जिससे जंगल के पेड़ों को नुकसान पहुंचा है।
बुंदेलखंड क्षेत्र का सबसे घना जंगल जनपद में ही है। इस कारण यहां के जंगल पर शासन की नजर है। यहां हर साल मानसून सीजन में लाखों की संख्या में पौधरोपण कराया जाता है। बीते वर्षों में महरौनी रेंज में भी पौधरोपण हुआ था जो तेजी से बढ़ रहा था। वहीं, कुसमाड़ वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रजातियों के पेड़ लगे हुए हैं। मानसून करीब आते देख किसान खरीफ फसल की तैयारी में जुट गए हैं। इसके मद्देनजर किसान खेतों में खड़े ठूंठ को जलाने में लगे हुए हैं। हालांकि, खेतों में ठूंठ लगाने पर रोक है। इसके बाद भी किसान इसे खेत खाली करने का सबसे आसान तरीका मानते हैं। गत दिवस जंगल के आसपास खेतों में किसी ने आग लगा दी जो आज जंगल में पहुंच गई। सुबह आठ बजे जंगल से धुंआ उठने लगा, इससे आसपास के ग्रामीण हरकत में आ गए। उन्होंने इसकी सूचना जिलाधिकारी व डीएफओ को दी। इस सूचना को पाकर महरौनी रेंजर को आग पर काबू पाने के निर्देश दिए गए। लेकिन घंटों तक कोई नहीं पहुंचा और आग पुराने प्लांटेशन में पहुंच गई। यही नहीं देेखते ही देखते आग करीब तीस हैक्टेयर क्षेत्र में फैल गई, इससे यहां खड़े सैकड़ों पेड़ों को आग ने झुलसा दिया। दिन में करीब साढ़े तीन बजे आग बुझाई जा सकी। वहीं, वन अधिकारी तीन सेे चार हैक्टेयर क्षेत्र में आग फैलने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे लापरवाही के आरोपों को सिरे से नकार दिया है।
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चार हैक्टेयर में लगी थी आग
तीन-चार हैक्टेयर क्षेत्र में आग की चिंगारी फैल गई थी, जिससे पुराने पौधरोपण को नुकसान पहुंचा है तो बड़े पेड़ झुलस गए हैं। बारिश होने पर पौधों में नई पत्ती आ जाएगी और जिनमें पत्ती नहीं आएगी तो उनकी जगह दूसरे पौधे लगा दिए जाएंगे।
सुनील भारद्वाज
क्षेत्रीय वन अधिकारी महरौनी
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आग पर काबू पाया
जंगल के आसपास खेतों में आग लगी थी, जिसकी चिंगारी जंगल में पहुंच गई। इसकी सूचना पाते ही वन कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया। जंगल को आग से कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा।
गोविंद शरण
प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग