हत्या और आत्महत्या में उलझा मामला
ललितपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित गोविंद सागर बांध में बुधवार की शाम मिले किशोरी के शव की शिनाख्त हो गई है। यह मामला हत्या और आत्महत्या के मध्य उलझ गया है। पुलिस की शक की सुई करीबियों पर ही टिकी हुई है और पूछताछ की जा रही है। वहीं, परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहने की बात कह रहे हैं। दोपहर बाद तीन बजे घर से निकली किशोरी का शव शाम पांच बजे पानी में उतराता मिलने पर मामले को संदेहास्पद बना दिया है।
मालूम हो कि बुधवार की शाम गोविंद सागर बांध पर बने साइफन के पास एक किशोरी का शव उतराता मिलने पर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए। किशोरी की शिनाख्त नई बस्ती मुहल्ला निवासी अंतिम जैन (17) पुत्र अरविंद कुमार जैन के रूप में हुई। मृतका जीजीआईसी में इंटर की छात्रा थी। मृतका के पिता किराने की दुकान संचालित करते हैं, वहीं मां स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत है। किशोरी के परिजनों ने बताया कि अंतिम जैन बुधवार की दोपहर बाद तीन बजे मकान में ही रहने वाले किराएदार के साथ कोचिंग जाने की बात कहकर निकली थी। इस दौरान वह घर पर अकेली थी। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी। इसी दौरान देर शाम पुलिस ने सूचना देकर पुलिस ने बुलाया और किशोरी की शिनाख्त करवाई। परिजनों ने बताया कि किशोरी के गले में खरोंच के निशान हैं और मुंह से झाग निकल रहा था। इसके साथ ही पिता ने बताया कि अंतिम आत्महत्या नहीं कर सकती है, या तो उसकी हत्या की गई है या फिर उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया है। पूरा मामला पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा और उसके बाद ही कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं, अब यह मामला आत्महत्या और हत्या के बीच उलझकर रह गया है। पुलिस को प्रथम दृष्टया जहां यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, वहीं सभी पहलुओं के सामने आने के बाद मामले को संदेहास्पद बना दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किशोरी के करीबियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और पूछताछ शुरू कर दी है।
क्यों मामला हुआ संदिग्ध
आमतौर पर पानी में कूदकर आत्महत्या करने के मामले में शव को पानी के ऊपर आने में 24 घंटे का समय लगता है। जबकि अंतिम जैन के मामले में तीन बजे कोचिंग के लिए निकली किशोरी का शव पांच बजे राहगीरों ने बांध के पानी में उतराता देख पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस सूत्रों की मानें तो दो घंटे में उसी स्थिति में शव उतरा सकता है, जब उसकी हत्या कर शव पानी में फेंका जाए। इसके साथ ही मृतका के गले पर खरोंच के निशान ने भी मामले को संदेहास्पद कर दिया है। इसके साथ ही मृतका के शव के आसपास और बांध में कहीं भी अंतिम की चप्पल बरामद नहीं हुई हैं। पुलिस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए पूछताछ कर जांच में जुट गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकता है, क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सारी बातों का पता चला सकता है। इसके बाद ही मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
कैप्टन एमएम बेग, पुलिस अधीक्षक