स्वास्थ्य विभाग में पटलों पर यथावत डटे लिपिक
हवाहवाई साबित हो रहा डीएम का आदेेेेश
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में डीएम का आदेश हवा-हवाई साबित हो रहा है। ऐसा ही एक मामला बाबुओं के पटल परिवर्तन से जुड़ा है। इस प्रक्रिया को करीब एक सप्ताह पहले अपनाया गया था, इसके बाद भी बाबू अपनी पटलों पर यथावत डटे हुए हैं। इससे कार्यालय के कामकाज को गति नहीं मिल पा रही है।
गौरतलब है कि सीएमओ कार्यालय में विभिन्न पटलों की सूचनाएं दुरुस्त नहीं हैं। इन्हीं में से एक मामला तब सामने आया था, जब नर्सिंग होम और पंजीकृत चिकित्सकों की सूची में खामियां पाई गई थी। इसके बाद डीएम मानवेंद्र सिंह ने सीएमओ को पटलों के परिवर्तन के लिए आदेशित किया गया था। इस क्रम में सीएमओ डा. प्रताप सिंह ने पटलों के परिवर्तन किए। लेकिन इस परिवर्तन को एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया। जिन बाबुओं के पटल परिवर्तन हुए, उनमें से कई बाबु अपना पूर्व का चार्ज नहीं छोड़ रहे हैं। इससे पटल परिवर्तन का मामला फंसकर रह गया है। बीते दिनों पूर्व में मुख्य चिकित्साधिकारी नेेेे पटलों में परिवर्तन करते हुए एक वरिष्ठ से पीसीपीएनडीटी, मेडिकल फिटनेस, चिकित्सा क्षतिपूर्ति, मेडिकल बोर्ड का समस्या कार्य, परिवार कल्याण इंडेमिनिटि का समस्त चार्ज वरिष्ठ सहायक इंद्रपाल सिंह को सौंपने के निर्देश दिए गए। जबकि पंजीकरण का समस्त चार्ज नरोत्तमदास गुप्ता को और रैड क्रॉस, 108, 102 एंबुलेंस का सत्यापन का समस्त चार्ज कनिष्ठ सहायक संतोष कुुमार वर्मा को और अरबन हेल्थ का समस्त प्रभार कनिष्ठ सहायक लखनलाल को हस्तांतरित करने के आदेेश दिए गए हैं। साथ ही सीएमओ ने आदेश दिए कि उक्त वरिष्ठ सहायक बाबू को सामुदायिक स्वास्थ्य तालबेहट के लेखा और अधिष्ठान का प्रभार जो उनके पास पूर्व से है जिस पर कार्य करनेे के निर्देश दिए थे। लेकिन संबंधित बाबुओं के द्वारा अपने पटलों का चार्ज नहीं सौंपा गया है। जिससे विभागीय कार्यों के लिए बाबुओं को परेशान होना पड़ रहा है। कुछ बाबू पुराने ही फार्मों को फोटोस्टेट के सहारे ही कार्य कर रहे हैं।
जो पटल परिवर्तन किए गए हैं, उनका पालन बाबुओं को करना होगा। इस संबंध में उन्हें तीन दिवस के अंदर नया चार्ज संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
डा. प्रताप सिंह, सीएमओ
एक पटल परिवर्तन में किए तीन आदेश
बीते 28 जुलाई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने तीन बाबुओं के पटल परिवर्तन किए थे। इसमें जिला महिला अस्पताल में सेवा निवृत्त हुए राजकुमार जैन की पटल पर पूर्व में मनोज कुशवाहा को तैनात किया गया था। जिसे एक दिन में ही परिवर्तन करते हुए राजाराम को नियुक्त किया। कुछ ही दिनों में राजाराम का आदेश निरस्त करते हुए पुन: मनोज कुशवाहा को नियुक्त किया।