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स्वास्थ्य:सात अफसरों पर लटकी वसूली की तलवार

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सात अफसरों पर लटकी वसूली की तलवार
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ललितपुर। वर्ष 2009-10 में कंटीजेंसी खरीद के मामले में स्वास्थ्य विभाग के सात अधिकारियों पर वसूली की तलवार लटक गई है। सीएमओ ने सभी सातों अफसरों को अधिरोपित धनराशि जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में जमा करने के लिए अंतिम चेतावनी जारी की है। इससे विभागीय अफसरों में खलबली मच गई है।
अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग में रोगी कल्याण समिति गठित है। इसके अंतर्गत कंटीजेंसी के साथ प्रतिदिन के उपयोग में आने वाली वस्तुएं जिनमें वॉटर कूलर, लाइट उपकरण, पंखा, कूलर, झाड़ू व प्रिंटिंग का सामान आदि की खरीद व मरम्मत की जाती है। वर्ष 2009-10 में गठित समिति ने प्रतिदिन के उपयोग की खरीदारी की जो बाजार भाव से अधिक थी। इसकी शिकायत हुई तो तत्कालीन डीएम ने जांच बैठा दी। इसमें आरोप सही पाए गए। जांच कमेटी ने पाया कि रोगी कल्याण समिति के पैसों का दुरुपयोग करते हुए बाजार से अधिक दरों का बिल बनवाकर कुल नौ लाख 38 हजार छह सौ 71 रुपये का गबन किया गया। जिस पर डीएम ने संबंधित फर्म को काली सूची में डालने के निर्देश दिए तो विभाग के सात अफसरों पर वसूली निकाल दी गई। सीएमओ डा. प्रताप सिंह ने वसूली के संबंध में कई बार पत्र लिखे। इसके बाद भी जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में वसूली की रकम जमा नहीं की गई। अब सीएमओ ने सातों अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए सात दिवस के अंदर अधिरोपित धनराशि जिला स्वास्थ्य समिति के खाते में जमा करने के निर्देश दिए। वरना, कार्रवाई के लिए सक्षम उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।
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इन पर निकाली गई वसूली
सीएससी मड़ावरा के अधीक्षक डा. अशोक कुमार पर 219600 रुपये, सीएचसी बार में तैनात अधीक्षक डा. डीएस चौधरी पर 169389 रुपये, पीएससी जखौरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार कुलश्रेष्ठ पर 140622 रुपए, सीएससी महरौनी के अधीक्षक डॉ. डालचंद्र दोहरे व डॉ. राजेश पर 114156 रुपये, पीएससी बिरधा के चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएस बक्सी पर 112306 रुपये व सीएससी तालबेहट के तत्कालीन अधीक्षक अजय भाले पर 182598 रुपए वसूलने का निर्देश दिया है।

जमा कराई जाएगी वसूली
जिन अफसरों पर वसूली निकाली गई है, उन्हें वह पैसा समिति के खाते में जमा कराना होगा। वरना, उनके खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
डा. प्रताप सिंह, सीएमओ
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