शमशाद ने की थी पुलिस से बाइक चोरी खुलासे की जांच की मांग
कोतवाली पुलिस और पुलिस अधीक्षक को दिए पत्र आए सामने
ललितपुर। शहर कोतवाली पुलिस द्वारा बाइक चोरी के आरोप में जेल भेजे गए शमशाद की हालत बिगड़ने के बाद झांसी ले जाते समय रास्ते में हुई मौत के मामले में सोमवार को दो नए पत्र सामने आए हैं। शमशाद के नाम से पुलिस अधीक्षक और कोतवाली प्रभारी को लिखे इन पत्रों में झूठा फंसाए जाने और खुलासे की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
गौरतलब हो कि कोतवाली पुलिस ने दो महीने पहले पटसेमरा गांव निवासी वीकेन्द्र राजा की निशान देही पर 12 चोरी की बाइक बरामद की थी। पुलिस ने वीकेन्द्र से पूछताछ के दौरान शमशाद व दीपचंद के नाम बाइक चोरी में सामने आने की बात कर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व चोरी की बाइक बरामद होने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर वीकेंद्र जेल भेज दिया था।दीपचंद्र ने न्यायालय में समर्पण कर दिया था। वहीं शमशाद ने पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर मामले में झूठा फंसाने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। सुनवाई न होने पर शमशाद ने 21 अगस्त को न्यायालय में समर्पण कर दिया। न्यायालय से जेल जाने के कुछ दिनों बाद उसकी हालत बिगड़ गई और जिला अस्पताल से झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। शमशाद की मौत पर परिजनों ने जेल चौराहे पर कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम व जेल प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित होकर नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक दर्जन नामजद व सौ डेढ़ सौ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। वहीं जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सोमवार को दो पत्र सामने आए हैं। इसमें शमशाद ने कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उन्हें भगवान का दर्जा देते हुए बाइक चोरी के मामले में झूठा फंसाने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मृतक शमशाद के पहले पत्र में 18 जुलाई को बताया कि 15 जुलाई को हुए बाइक चोरी के खुलासे में साहब मुझे झूठा फसाया गया है। पुलिस अधीक्षक को भगवान का दर्जा देते हुए कोई भी निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर घंटाघर पर गोली मार देने की बात कही थी। वहीं कोतवाली प्रभारी को लिखे पत्र में बताया कि बाइक चोरी के मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। बाइक चोरी व बाइक बिक्री में या बरामदगी के स्थान पर वह कभी नहीं रहा। उसने कोतवाली प्रभारी को वृद्ध माता पिता व बच्चों के लिए भगवान बताते हुए, निष्पक्ष जांच करने की मांग की थी।