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खस्ताहाल भवनों में संचालित हो रहे सरकारी स्कूल

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खस्ताहाल भवनों में संचालित हो रहे सरकारी स्कूल

ललितपुर। शनिवार को नगर क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों की छतों से बारिश का पानी टपकने लगा। इससे अध्ययनरत बच्चों को कक्षों में बैठने में समस्या आई। आदर्श विद्यालय के बच्चों को मध्याह्नतर के दौरान घर जाने की अनुमति दे दी गई थी। वहीं, अन्य स्कूलों में भी बच्चों की उपस्थिति काफी कम देखी गई।
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नगर क्षेत्र के सरकारी स्कूल अध्यापकों की कमी से तो जूझ ही रहे हैं। इन दिनों कई स्कूलों के जीर्णशीर्ण भवन पठन पाठन में बाधक बन रहे हैं। शनिवार को सुबह हल्की बारिश शुरू हुई। इस दौरान आदर्श प्राथमिक विद्यालय के भवन की छतों से बारिश का पानी टपकने लगा। यही नहीं, छतों से सीमेंट भी गिरने लगा है। इसके बाद भी इस भवन में बच्चों को बैठाया जा रहा है। इसके अलावा विद्यालय का परिसर कीचड़ में तब्दील हो गया है। इससे बच्चों को कक्षों में बैठने से लेकर आने-जाने में भी असुविधा हो रही है। शनिवार को आदर्श प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को मध्याह्नतर में ही घर जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई। वहीं, विद्यालय की शिक्षिकाओं को जिला अस्पताल में आयोजित सुपोषण मेला में बुला लिया गया। आदर्श विद्यालय के परिसर में ही बाल विकास अधिकारी कार्यालय नगर भी संचालित होता है। इसके बाद भी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो पा रही हैं। प्राथमिक विद्यालय चौबयाना नंबर दो का भवन भी बारिश के पानी को रोक नहीं पाया। इसके कक्षा कक्षों से लेकर बरामदा बारिश के पानी से भीगा था। बच्चे सिकुड़कर कक्षाकक्ष में बैठे थे। इस भवन में प्राथमिक विद्यालय बड़ापुरा व प्राथमिक विद्यालय चौबयाना की कक्षाएं लगती हैं। प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय चौबयाना नंबर एक के भवन में प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवालय की कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां के परिसर में बारिश का पानी जमा हो जाता है। इससे बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है। यहां भी बच्चों की संख्या काफी कम रही। कमोवेश यही स्थिति प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरायपुरा की है। नगर के अन्य स्कूलों में भी कई समस्या बनी हुई हैं। जिनका निदान नहीं किया जा रहा है।
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