मिलावटी शराब में एक को आजीवन कारावास, पुुत्र बरी
ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) अजय पाल सिंह की अदालत ने चार वर्ष पूर्व मिलावटी शराब में पकड़े गए थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम हरपुरा निवासी एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्य के अभाव में उक्त मामले में ही अभियुक्त के पुत्र को न्यायालय ने बरी कर दिया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि चार वर्ष पूर्व थाना कोतवाली एसआई शिवपाल सिंह ने तहरीर देकर बताया कि पांच दिसंबर 2014 को वह हेड कांस्टेबल राजेंद्र प्रसाद दुबे के साथ जश्त कर रहे थे। जैसे ही वह ग्राम हरपुरा से कल्यानपुरा को बढ़े तो गांव के बाहर कच्ची सड़क की पुलिया के पास दो व्यक्ति एक जरीकेन के एक-एक हत्था पकड़े हुए कल्यानपुरा की ओर जाते दिखाई दिए। उन लोगों के पास पहुंचे तो अचानक पुलिस वालों को देखकर वे दोनों सकपका गए और उनमें से एक व्यक्ति बोला भागो दाऊ, पुलिस आ गई और वह जरीकेन छोड़कर भागने लगे। शक होने पर मोटरसाइकिल खड़ी कर पुलिया से करीब दस कदम की दूर पर एक व्यक्ति को जरीकेन सहित पकड़ लिया। जबकि पुलिस बल की कमी का फायदा उठाते हुए दूसरा आदमी भाग गया। पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम ग्राम हरपुरा निवासी गोकलिया अहिरवार पुत्र गुुंदा बताया। उसने यह भी बताया था कि उसके साथ उसका लड़का जीवन अहिरवार था। बरामद शराब रखने का लाइसेंस तलब किया गया तो वह नहीं दिखा सका। वह शराब तैयार कर आसपास के गांवों में बेच देते हैं। जरीकेन में लगभग बीस लीटर कच्ची शराब थी। थाना पुलिस ने एसआई की तहरीर के आधार पर मिलावटी शराब बेचने के अपराध की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया था। विवेचना के उपरांत दोनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई की और अभियुक्त गोकलिया को मिलावटी शराब बनाकर बेचने के मामले में धारा 272 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं गोकलिया के पुत्र जीवन को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।