नारी निकेतन की घटनाओं ने एक मां को किया व्यथित
डीएम से की पुत्री को कानपुर नारीनिकेतन से वापस बुलाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत कस्बा बिरधा निवासी एक महिला ने मुजफ्फरपुर व देवरिया में नारी निकेतन में होने वाली घटनाओं से आशंकित होकर कानपुर के नारी निकेतन भेजी गई अपनी पुत्री को वहां से छोड़ने की मांग की है और उसकी पुत्री को गैरकानूनी तरीके से नारी निकेलन भेजने का आरोप भी लगाया है।
बिरधा निवासी एक महिला ने डीएम व उपजिला मजिस्ट्रेट को एक प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि उसकी पुत्री को उपजिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रस्तुत किया गया था। इसमें उसे अपनी पुत्री के उम्र के संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका नहीं दिया गया। उसकी पुत्री एक युवक के साथ उसे बिना बताए नीलकंठ मंदिर पाली गई हुई थी, जो काफी समय तक वापस नहीं लौटी तो उसे घबराकर चौकी बिरधा में प्रार्थना पत्र दिया था। कुछ दिन में पुलिस ने उसकी पुत्री को संरक्षण में लेकर सदर मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया था। जिस पर उपजिला मजिस्ट्रेट ने उसे बिना सूचना दिए, उसकी पुत्री को कानपुर स्थित नारीनिकेतन भेज दिया। उसे जब जानकारी हुई तो उसने उक्त न्यायालय में प्रार्थना की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जबकि न तो उसने कोई गलती की है और न ही वह भागी थी। उक्त आदेश से अवैधानिक और अधिकारिता रहित क्षेत्राधिकार कर नारी निकेतन भिजवा दिया है। उसकी पुत्री वर्तमान में राजकीय महिला शरण स्वरूप नगर कानपुर में अपनी इच्छा के विरुद्घ अवरुद्ध है। उसकी द्वारा राजकीय महिला शरणालय से मुक्त किए जाने की प्रार्थना भी वहां नारीनिकेतन के प्रभारी से की है, लेकिन वह संबंधित न्यायालय के निर्मुक्त आदेश पर ही अवमुक्त किया जाना बताया है। उसने संबंधित उपजिला मजिस्ट्रेट से अपनी पुुत्री को तलब करके पुन:बयान दर्ज कर उसे मुक्त कराने की मांग की।