भालू के हमले में एक चरवाहे की मौत, दो घायल
डोंगराखुर्द/अर्जुन खिरिया। शुक्रवार को नाराहट थाने के पारौल गांव के जंगल में दोपहर एक बजे जंगली भालू ने बकरियां चरा रहे चरवाहों पर अचानक हमला बोल दिया। जिसमें एक चरवाहे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार पारौल गांव निवासी सुखदेन (55) पुत्र बंशी परिहार बकरी पालन कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। रोजाना की तरह वह अपनी बकरियों को लेकर जंगल में चराने गया था। दोपहर में करीब एक बजे चरवाहे पर भालू ने अचानक धावा बोल दिया। जब तक वह कुछ समझ पाता, तब तक भालू ने उसे अपने नुकीले पंजों एवं दांतों से घायल कर दिया। उसकी चीख पुकार सुनकर आसपास बकरी चरा रहे लोकेंद्र सिंह निवासी बरोदिया एवं चिंके अहिरवार निवासी पारौल उसे बचाने के लिए दौड़े लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद भालू ने मृतक को छोड़कर बचाने आए लोगों पर झपट पड़ा। जिससे वे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। इस सूचना से गांव में आक्रोश फैल दिया। सैकड़ों की संख्या में लाठी, डंडा लेकर जंगल पहुंच गए। जिस पर भालू ने ग्रामीणों पर भी हमला करने की कोशिश की। जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। कइयों ने पेड़ों के पीछे दुबक कर जान बचाई। इस घटना की जानकारी वन विभाग के कर्मियों को दी गई। सूचना पर वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल लोकेंद्र सिंह को भालू के पंजों से छुड़ाया। इसके बाद घायल को लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। दूसरे घायल चिंके (38 वर्ष) को मामूली चोटें आई हैं। जिसका वहीं उपचार किया गया। इस घटना से गांव में सनसनी फैल गई है।
राहत राशि का करेंगे प्रयास
भालू द्वारा हमला किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। मृतक के परिजन यदि शव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट कराते हैं तो उन्हें किसान दुर्घटना बीमा योजना से राहत राशि मिलना आसान हो जाएगा।
नरेंद्र सिंह एसडीएम पाली
घायलों को बचाया
हमले की जानकारी मिलते ही वन विभाग के कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। घायलों को भालू से छुड़ाने में काफी मेहनत करनी पड़ी। घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया गया है। जिस तरह से भालू ने हमला किया है, उससे वह पागल प्रतीत हो रहा था। उच्च अधिकारियों से इससे अवगत कराकर आगे कार्रवाई की जाएगी
आरके शाही
वन क्षेत्राधिकारी गौना रेंज