पाली में संचालित चार अमान्य विद्यालय पकड़े
ललितपुर। ‘देर आए दुरुस्त आए’ वाली कहावत वर्तमान में जिला बेसिक शिक्षा विभाग पर सटीक बैठ रही है। जनपद में अमान्य विद्यालयों की भरमार होने के बाद भी शासन द्वारा तमाम निर्देश जारी करने पर भी जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा अमान्य विद्यालयों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब विभागीय अधिकारी चेत गए हैं और अपने दफ्तरों से बाहर निकलकर अमान्य विद्यालयों को चिह्नित कर अभियान का श्रीगणेश कर दिया है। पाली क्षेत्र में संचालित चार अमान्य विद्यालयों को पड़ा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मायाराम के निर्देशन पर अमान्य विद्यालयों के खिलाफ अभियान की शुरुआत कर दी गई है। बीएसए के निर्देशन पर वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी रामकुुमार पुरोहित ने नगर पंचायत पाली में बिना मान्यता के संचालित हो रहे विद्यालयों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने पाली में संचालित तीन विद्यालयों इंडियन किड्स पाली, कान्वेंट स्कूल पाली और सरस्वती ज्ञान मंदिर स्कूल पाली को पकड़ा। इन तीनों विद्यालयों को बेसिक शिक्षा परिषद या फिर अन्य किसी बोर्ड से कोई मान्यता नहीं है, इसके बावजूद इसमें कक्षा 05वीं तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गईं। इसके अलावा एक अन्य विद्यालय पारस ज्ञान मंदिर स्कूल बंट को प्राइमरी की मान्यता प्राप्त है। कक्षा पांच तक की मान्यता पर अवैध तरीके से कक्षा आठवीं तक की कक्षाएं संचालित होती पाई गई। वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी पुरोहित ने चारों अमान्य विद्यालयों की जानकारी अपनी जांच आख्या के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है। अब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी इन अमान्य विद्यालयों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं यह देखने का विषय है।
किरकिरी हुई तो चेता बेसिक शिक्षा विभाग
जहां एक ओर बीते एक वर्ष में प्रदेश के अधिकांश जनपदों में अमान्य विद्यालयों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है और अमान्य विद्यालयों को चिह्नित करके उन्हें बंद कराया गया है और संचालकों के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत कराया गया है। लेकिन जनपद में अमान्य विद्यालयों के खिलाफ की गई कार्रवाई शून्य थी। वहीं दूसरी ओर जिला विद्यालय निरीक्षक ने जनपद के ग्रामीण इलाकों का निरीक्षण करके कई अमान्य विद्यालय पकड़े हैं। इससे जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की काफी किरकिरी हो रही थी। इसी किरकिरी से बचने के लिए जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा अमान्य विद्यालयों के खिलाफ अभियान की शुरुआत कर दी है। अब यह अभियान कब तक जारी रहता है या फिर इस अभियान की कब हवा निकल जाती है, यह तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।