गैंगस्टर में दो को चार-चार वर्ष की सजा
न्यायालय ने पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम मऊमाफी निवासी दो अभियुक्तों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी पाते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर) जगदीश कुमार की अदालत ने चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव के अनुसार नौ वर्ष पूर्व थाना कोतवाली में तैनात तत्कालीन एसएचओ एके चतुर्वेदी ने तहरीर में बताया था कि 25 सितंबर 2009 को वह एसएसआई केके बाजपेयी व हमराही सोमेंद्र सिंह व मनीष कुमार के साथ शाम पांच बजे थाना क्षेत्र में गस्त पर थे। भ्रमण करते हएु वह ग्राम मऊमाफी पहुुंचे तो गांव के संभ्रांत नागरिकों ने बताया कि ग्राम के ही रघुनाथ उर्फ रगना कबूतरा पुत्र गजइयां व खिलान पुत्र राधे कबूतरा शातिर अपराधी हैं और इनका एक संगठित गिरोह है। सरगना रघुनाथ कबूतरा है और खिलान कबूतरा गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह लोग शराब बनाकर उसे बेचकर धन अर्जित करते हैं। इस गिरोह का ग्राम मऊमाफी एवं पास पड़ोस के गांवों में काफी भय और आतंक है। एसएचओ की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों रघुनाथ व खिलान के खिलाफ धारा तीन गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को न्यायालय ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए रघुनाथ व खिलान को गैैंगस्टर अधिनियम में दोषी पाया और सभी को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।