एसडीएम आत्महत्या: विपक्षी दलों ने भी की उच्चस्तरीय जांच की मांग
ललितपुर। मड़ावरा में तैनात एसडीएम की आत्महत्या प्रकरण में विपक्षीदलों ने सरकार और प्रशासन को घेरते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इससे पूर्व मृतक एसडीएम के परिजन भी प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं। बुधवार को कांग्रेसी नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर एसआईटी टीम गठित कर जांच करवाने की मांग की है।
गौरतलब हो कि रविवार को केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम और फसल नुकसान का सर्वेक्षण कर लौटे मड़ावरा एसडीएम हेमेंद्र कांडपाल ने अपने सरकारी आवास पर होमगार्ड की बंदूक लेकर खुद को गोली मार ली थी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रशासन ने भी आत्महत्या के कारणों पर अनभिज्ञता जाहिर की। बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए बताया कि एसडीएम आत्महत्या प्रकरण में संदिग्धता नजर आ रही है। उपजिलाधिकारी मृत्यु से पूर्व क्षेत्रीय सांसद के कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए थे। इस दौरान ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी कि वह परेशान हो गए। इसके साथ खाना खाने के दौरान ऐसी कौन सी संदिग्ध कॉल आई, जिसके बाद कमरे में जाकर खुद को गोली मार ली। मौत से पहले संदिग्ध फोन आना अबूझ पहेली बना हुआ है। इस मामले की यदि ईमानदारी से जांच करवाई जाए तो कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। ज्ञापन में बताया कि भाजपा शासन में अधिकारियों की स्वतंत्रता छीनकर उनसे मनमाने तरीके से काम करवाया जा रहा है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री तक भाजपा के एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। साथ ही प्रशासन में उच्च पदों पर बैठे अधिकारी अपने निचले अधिकारियों का दबाव में रखकर काम करवा रहे हैं। इस कारण कर्मचारी और अधिकारी तनाव व अवसाद का शिकार होते जा रहे हैं। इसकी परिणति आत्महत्या के रूप में सामने आ रही है। प्रदेश में कुछ महीनों में ही चार अधिकारी मौत को गले लगा चुके हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम आत्महत्या प्रकरण की एसआईटी जांच करवाने की मांग की। इससे दोषियों को बेनकाब किया जा सके। वहीं उन्होंने एनकाउंटर के नाम पर खेले जा रहे खूनी खेल को भी बंद करवाए जाने की मांग की। ज्ञापन पर दुर्गाप्रसाद कुशवाहा, अजय तोमर, बलवंत सिंह राजपूत, नदीम शबनम, समद खान, जीवन लाल बरार, उवैश खान के हस्ताक्षर हैं।
परिजन पहले ही बता चुके संदिग्ध
परिजन इस पूरे मामले को पहले ही संदिग्ध बता चुके हैं। मृतक एसडीएम के भाई देवेंद्र कांडपाल ने मंगलवार को मुरादाबाद में बताया कि पूरे मामले में प्रशासन उन्हें कोई जानकारी नहीं दे रहा है और न ही स्पष्ट जानकारी दे रहा है। उन्होंने एसडीएम की हत्या का आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। पत्नी पिंकी ने भी प्रशासन पर आरोप लगाए थे। इसके साथ ही परिजनों ने बताया कि ललितपुर में घटना के चश्मदीद गवाहों से भी बात नहीं करवाई गई और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। इस संबंध में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी को मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए हैं, वहीं पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी टीम का गठन किया है। वहीं संदिग्ध कॉल के मामले को अफवाह बताया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसडीएम के नंबर पर घटना के चालीस मिनट पहले आखिरी कॉल आई थी, जो एक लेखपाल की थी।
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सबके मुंह पर चुप्पी
घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी सभी लोगों ने मुंह पर चुप्पी साध रखी है। होमगार्ड जहां पुलिस थाने में नजरबंद की स्थिति में हैं। वहीं, एसडीएम के अन्य सहयोगी सामने नहीं आ रहे हैं। बुधवार को तहसील पहुंचे हमारे संवाददाता को देख कर्मचारी मुंह छिपाते नजर आए। इसके साथ ही जब संवाददाता ने सर्वेक्षण के दौरान एसडीएम के साथ मौजूद रहे कर्मचारियों से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वहीं वजानकारी यह भी यह है कि मीडिया से बात करने वाले कर्मचारियों को अधिकारियों की ओर से बात न करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। गौरतलब हो कि इससे पूर्व फसल का सर्वेक्षण करने के दौरान साथ में रहे कर्मचारियों ने आत्महत्या से पूर्व तनाव में न रहने की बात कही थी।