फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम: अब घर बैठे पासपोर्ट पर रिपोर्ट नहीं लगा सकेंगे पुलिस कर्मचारी

विज्ञापन
विज्ञापन
अब घर बैठे पासपोर्ट पर रिपोर्ट नहीं लगा सकेंगे पुलिस कर्मचारी
विज्ञापन

एम पासपोर्ट एप पर आवेदक के घर पहुंचकर भरेंगे रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
पासपोर्ट के आवेदन पर घर बैठे रिपोर्ट लगाने जैसी शिकायतों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विभाग ने एम पासपोर्ट एप पर जानकारी भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए हर थाने में एक उपनिरीक्षक की तैनाती की जाएगी और नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक को बनाया गया है।
पासपोर्ट बनवाने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है। इसके लिए संबंधित थाने से आवेदक के संबंध में रिपोर्ट मांगी जाती है। अभी तक अधिकांश आवेदनों में थानाध्यक्ष आवेदक से संपर्क कर थाने में ही रिपोर्ट तैयार कर भेज देते थे। लेकिन अब नई प्रक्रिया के तहत घर बैठे रिपोर्ट लगाने जैसी संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। नई प्रक्रिया के तहत हर थाने में एक उपनिरीक्षक की तैनाती की जाएगी। जिसे एक साल से पहले हटाया नहीं जा सकेगा। जो थानाक्षेत्र से आने वाले पासपोर्ट के सभी आवेदनों का वेरीफिकेशन करेगा और सभी रिपोर्ट लगाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जिस उपनिरीक्षक को इस कार्य के लिए नामित किया जाएगा उसके लैपटॉप और मोबाइल को जीपीएस तकनीकि से लैस किया जाएगा। इससे जांच अधिकारी को आवेदक के घर जाकर पूरी जानकारी भरनी होगी। जीपीएस के कारण नोडल अधिकारी जांच अधिकारी की लोकेशन भी देख सकेंगे। वहीं आवेदक के घर पहुंचकर जांच अधिकारी मौके पर ही सभी प्रपत्रों और जानकारियों को वहीं भरेगा जो नोडल अधिकारी के पास तत्काल पहुंच जाएंगी। इससे गलत जानकारी भरने जैसी संभावनाएं भी खत्म हो जाएंगी। एक बार जानकारी भरने के बाद उपनिरीक्षक उसको बदल नहीं सकेंगे। संशोधन करने का अधिकार सिर्फ नोडल अधिकारी के पास होगा। एक बार नोडल अधिकारी के द्वारा इस जानकारी को आगे फारवर्ड करने के बाद इसमें कोई संशोधन नहीं हो पाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्जन
एम पासपोर्ट सेवा के लिए अपर पुलिस अधीक्षक को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। उन्हीं के निर्देशन में उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया से आवेदकों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
डा. ओपी सिंह, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें