जांच तक सीमित रही कार्रवाई
ललितपुर।
कल्यानपुरा गांव स्थित बानई नदी में हो रहे खनन को रोकने के लिए खनन विभाग ने कार्रवाई सिर्फ जांच तक ही सीमित रखी। खनन माफिया पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि खनन विभाग द्वारा सीज की गई बालू को धीरे-धीरे गायब किया जा रहा है।
शहर से कुछ दूरी पर स्थित कल्यानपुरा गांव से निकली नदी में व्यापक पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था। इसके लिए अमर उजाला ने आठ जनवरी के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर इस ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करवाया था। गौरतलब हो कि गांव से निकली बानई नदी में कुछ प्रभावशाली की शह पर नदी का सीना छलनी करते हुए बजरी निकालने का काम किया जा रहा था। ग्रामीण जनप्रतिनिधि की मिलीभगत भी स्वीकार कर रहे थे। आलम यह है कि नदी में पांच किलोमीटर के क्षेत्र को चट्टानों और गहरे कुएं के रूप में तब्दील कर दिया गया था। नदी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ती नजर आ रही है। वहीं, आसपास की मिट्टी दरकने से दुर्घटना होने और खेतों का कटाव होने का खतरा भी मंडराने लगा है। अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने भाग-दौड़ करते हुए मामले की जांच की तो नदी से व्यापक पैमाने पर अवैध खनन की बात स्वीकारते हुए कार्रवाई करने की बात कही। वहीं, इस मामले को एक महीना बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। इसके अलावा जांच के दौरान जिला खान अधिकारी अरविंद कुमार ने मौके से 25 ट्राली बालू सीज कर गांव के चौकीदार के सुपुर्द की थी। लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि धीरे-धीरे सीज बालू को गायब किया जा रहा है।
तो क्या पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
जिला खान अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जांच के बाद खनन करने वाले लोगों को चिह्नित किया गया था। इसके आधार पर पुलिस को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन दो बार पत्राचार करने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि हल्का इंचार्ज की जिम्मेदारी है कि सीज बालू को गायब न होने दें, लेकिन पुलिस की लापरवाही कार्यप्रणाली के चलते खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
पुलिस को दो बार पत्र लिखकर खनन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा है। लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। जिलाधिकारी से भी इस संबंध में शिकायत दर्ज करवाई है।
अरविंद कुमार, जिला खान अधिकारी