हत्या में दो सगे भाइयों को उम्र कैद
चारपाई पर सो रहे ग्रामीण की कुल्हाड़ी से गला काटकर मारा था
दोषियों पर न्यायालय ने दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अजय पाल सिंह की अदालत ने दो वर्ष पूर्व ग्राम मिर्चवारा में ग्रामीण की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
दो वर्ष पूर्व थाना बार अंतर्गत ग्राम मिर्चवारा निवासी संगीता पत्नी स्व. हरिकिशन बुनकर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 15-16 सितंबर 2017 की रात वह और उसका पति खाना खाकर दरवाजे के सामने अलग-अलग चारपाइयों पर सो रहे थे। रात्रि करीब ढाई बजे उसकी नींद खुली तो देखा कि उसके पति का गला कटा हुआ था और मृत अवस्था में पड़ा था। कुछ दिन पहले उसके पति की लड़ाई गांव के सुखलाल व पप्पू बुनकर पुत्रगण छंदी बुुनकर से हुई थी। उक्त दोनों लोगों ने इसी बात को लेकर धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था।
न्यायालय में बयानों में बताया गया था कि आरोपी सुखलाल ने उसके पति हरिकिशन का हाथ पकड़ा और पप्पू उर्फ तेजपाल ने कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या की थी। बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवत्रई करते हुए न्यायाधीश ने उक्त हत्या के मामले में दोनों सगे भाइयों अभियुक्त सुखलाल व पप्पू उर्फ तेजराज को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसमें सुखलाल जमानत पर चल रहा था, जबतिक पप्पू उर्फ तेजराम घटना के समय से ही जिला कारागार में निरुद्ध चल रहा है। 20 सितंबर 2017 को दोनों अभियुक्तों को पुलिस ने बंगलन तिराहा कैलगुवां मार्ग पर पकड़ लिया था और इसमें पप्पू उर्फ तेजराम से आला कत्ल बरामद किया था। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने की।